दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी।सिगरा स्थित नगर निगम कार्यालय पर सोमवार को राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन के बैनर तले फेरी-पटरी कारोबारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर शहर के वेंडिंग जोनों की सुरक्षा और पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग उठाई।
व्यवसायियों का आरोप है कि “पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014” के तहत स्वीकृत 63 वेंडिंग जोनों को पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार हटाया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि सरकार जहां एक ओर स्ट्रीट वेंडरों के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर कार्रवाई उनके अस्तित्व पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से पूर्व निर्धारित 63 वेंडिंग जोनों की सुरक्षा, पुलिस उत्पीड़न पर रोक, लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर नाइट मार्केट से विस्थापित वेंडरों का पुनर्वास तथा प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हबों में प्राथमिकता देने की मांग शामिल है।
धरना-प्रदर्शन में संगठन के सचिव अभिषेक निगम समेत गौरव श्रीवास्तव, बिजय यादव, लक्खू सोनकर, अस्पताली सोनकर, सुरेंद्र यादव, शीला, राजू शर्मा, प्रेमचंद पांडेय, और विकास यादव सहित बड़ी संख्या में फेरी-पटरी व्यवसायी मौजूद रहे।