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बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तथा गंभीर मामलों में निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए-सत्येंद्र कुमार

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दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट

*साथ ही ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को भी निलंबित किया जाए-जिलाधिकारी*

*बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें सीज किया जाए*

*सड़क दुर्घटनाओं के पश्चात त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने NHAI एवं PWD को प्रमुख दुर्घटना संभावित मार्गों पर निकटवर्ती अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराये*

*ताकि एंबुलेंस की तैनाती इस प्रकार की जा सके कि दुर्घटना स्थल पर 5 मिनट के भीतर पहुंच सुनिश्चित हो सके*

*डायल-100 पीआरवी वाहनों में भी निकटतम अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए*

*जिलाधिकारी ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की, ऐसे मामलों में अभिभावकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाने का निर्देश दिया, कहां आवश्यक हो तो एफआईआर भी दर्ज करें*

*जिलाधिकारी ने जिला सड़क सुरक्षा की बैठक में दिये आवश्यक दिशा निर्देश*

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में हुआ। जिसमें IRAD इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस के दुर्घटना आंकड़ों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने प्रमुख दुर्घटना स्थलों एवं उनके कारणों की समीक्षा की। IRAD के अनुसार अधिकांश दुर्घटनाएं पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट/ढाबे, चौराहे, अंडर पास, मुख्य मार्ग म सम्मिलित होने वाली सर्विस लेन एवं सड़क के मर्जिंग प्वाइंट के आसपास हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य मार्गों पर बिना समुचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा NHAI एवं PWD को ऐसे पेट्रोल पंपों/सीएनजी स्टेशनों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध सीजिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।                                                 जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तथा गंभीर मामलों में निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को भी निलंबित किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें सीज किया जाए तथा प्रशासन द्वारा उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं, क्योंकि ऐसे स्थल सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। दुर्घटनाओं के पश्चात त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने NHAI एवं PWD को प्रमुख दुर्घटना संभावित मार्गों पर निकटवर्ती अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही एआरटीओ को निर्देशित किया गया कि वे स्वास्थ्य विभाग को सभी महत्वपूर्ण जंक्शनों की सूची उपलब्ध कराएं, ताकि एंबुलेंस की तैनाती इस प्रकार की जा सके कि दुर्घटना स्थल पर 5 मिनट के भीतर पहुंच सुनिश्चित हो सके। डायल-100 पीआरवी वाहनों में भी निकटतम अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त राजवीर योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।  विद्यालय वाहनों की सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि वे सभी विद्यालयों को स्पीड गवर्नर, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, सीट बेल्ट आदि आवश्यक फिटमेंट की चेकलिस्ट उपलब्ध कराएं तथा 100% अनुपालन सुनिश्चित करें। साथ ही विद्यालयों से संबद्ध एवं असंबद्ध ऐसे सभी वाहनों की सूची तैयार की जाए जो विद्यार्थियों का परिवहन कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि सभी वाहन निर्धारित मानकों का पालन करें। तथा विद्यालय प्रबंधन एवं ए.आर.एम रोडवेज को निर्देश दिया कि अपने चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, हृदय परिक्षण एवं नेत्र परीक्षण समय से करा लें। जिलाधिकारी ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की तथा पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में अभिभावकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया जाए एवं आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज की जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक वर्मा, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा, ए.आर.टी.ओ सुधांशु रंजन, पी.टी.ओ अखिलेश पाण्डेय सहित NHAI, PWD, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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