वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –– उत्तर प्रदेश सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों की रविवार को कचहरी परिसर में मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मदन मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष 25 मार्च 2025 को वित्त विधेयक में वैलिडेशन एक्ट के पास होने से पेंशनरों के अधिकारों को संरक्षित करने वाले नियमों पर कुठाराघात किया गया। जिससे सरकार के मर्जी पर पेंशनरों की सारी सुविधाएं निहित हो जाती है। जिसके परिणाम स्वरुप यदि पेंशनर अपने अधिकार के लिए न्यायालय में जाता है तो पेंशन का दावा खंडित हो जाएगा, जिससे लाखों पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात होगा। ऐसे विभेदकारी नीति के कारण पेंशन की मूलभूत सुविधा कम्यूटेशन, महंगाई राहत, पेंशन वृद्धि, पेंशन संरचना से संबंधित आठवें वेतन के लाभों से वंचित हो जाएगा। अतः बैठक में सिविल पेंशन रूल्स वैलिडेशन एक्ट को सरकार से वापस लेने की मांग करने पर सहमति व्यक्त की गई। बैठक में अशोक सिंह ने प्रधानमंत्री को ज्ञापित याचिका हस्ताक्षर के 10 सूत्रीय मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि इसमें कोई ऐसी मांग नहीं है जो सरकार ना देती हो। विभिन्न काल अवधियों में सरकार द्वारा रोक कर समस्या पैदा कर दी गई, जिसे समाधान कर इसे पूरा करने की मांग की गई। बैठक में क्रमानुसार जन्म माह साथियों गुलाब सिंह, रविंद्र सिंह, केशव प्रसाद, अवधेश पाण्डेय आदि का संगठन के पदाधिकारियों द्वारा फूल मालाओं से स्वागत करते हुए दीर्घायु होने की कामना की गई। बैठक की अध्यक्षता वीरेंद्र बहादुर सिंह ने तथा संचालन अशोक सिंह ने किया। बैठक में प्रमुख रूप से ओंकारनाथ, यशवंत, जगदंबा, मोती गुप्ता, वीरेंद्र, प्रमोद पाठक, हरिश्चंद्र प्रसाद, गिरीश सोनकर, प्रेम कुमार, शीतल प्रसाद, संत लाल यादव, कैलाश आनंद समेत सैकड़ो पेंशनर उपस्थित