वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी –उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के कृषि अर्थशास्त्र के सभागार में गुरुवार को भारत व अमेरिका और भारत व यूरोप व्यापार समझौता बिषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो.मनीष सिंह के द्वारा राजर्षि जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में साक्षी सिंह और साधना मोदनवाल ने यूरोप एवं अमेरिका से व्यापार समझौते के महत्वपूर्ण उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कैसे समझौते से कृषि तकनीक और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा, नई टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करने की संभावना
कैसे बढ़ेगी, जिससे रोजगार सृजन का अवसर प्राप्त होगा।साथ ही साथ एआई टेक्नालॉजी के माध्यम से कृषि का ग्रोथ दर बढ़ेगा। जिससे दोनों देशों का व्यापार घाटा कम होगा।इस संगोष्ठी में स्वागत एवं बिषय स्थापना अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो.मनीष सिंह ने किया। पू्र्व उद्यान विभागाध्यक्ष प्रो.धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि इस व्यापार समझौते से हमारे हॉर्टिकल्चर एवं प्रोसेसिंग सेक्टर को नया बाजार मिलेगा जिससे हम सब्जियां, अनाजों, मोटे अनाजों को यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में निर्यात कर सकेंगे। जिससे हमारी विदेशी मुद्रा की बढ़ोतरी होगी। इस कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अध्यापक प्रोफेसर एसके सिंह ने बताया कि कैसे यह व्यापार समझौता हमारी विदेशी मुद्रा पर प्रभाव डालता है। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ अध्यापक दुष्यंत कुमार,प्रो.मनीष मिश्रा तथा काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम का संचालन खुशी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित डा.राकेश कुमार द्वारा किया गया।