सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। माह ए रमजान 13 मार्च आखिरी शुक्रवार (जुम्मे) को (अलविदा जुमा) की नमाज पढ़ी गई। इस दिन नगर कस्बा के सभी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ सभी नमाजियों ने मुल्क में अमन, चैन और तरक्की के लिए अल्लाह पाक से दुआएं मांगीं। रोज़ेदारों ने खुदा की इबादत कर गुनाहों की माफी और रहमत की फरियाद की। यह पवित्र दिन माह ए रमजान को विदाई देने का प्रतीक है। अलविदा की नमाज की मुख्य बातें अलविदा जुम्मा के मौके पर मस्जिदों में विशेष हर्षौल्लास के साथ नमाज अदा की गई। जहां नमाजियों ने देश में शांति, भाई चारा और खुशहाली के लिए दुआएं कीं। यह दिन अल्लाह से रहमत और बरकत मांगने का माना जाता है। शाही जामा मस्जिद, अमानत खान मस्जिद, सरदार खान मस्जिद, बंगले वाली मस्जिद, चार मीनार मस्जिद, नूरी मस्जिद में इमाम असरफ करीम कादरी ने अलविदा जुम्मे की नमाज अदा कराई। सभी मस्जिदों में भारी भीड़ देखी गई। जिसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। रमजान के जुमे में अल्लाह से मुल्क, कौम व मिल्लत माह-ए-रमजान के शुक्रवार (जुमे) के दिन नगर कस्बा स्थित सभी आसपास की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गयी। अलविदा की नमाज के दौरान कस्बा भर की मस्जिदों में रोजेदारों की भीड़ उमड़ी तथा नगर कस्बा की सभी मस्जिदों में हजारों लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। नमाज के दौरान शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा ने कहा कि नमाजियों ने अल्लाह पाक से मुल्क, कौम व मिल्लत की दुआ मांगी। नमाजियों के हाथ इबादत के लिए उठे। तो उनके मुंह से सिर्फ शांति की बात निकली। रजा कहा कि पवित्र माह के बचे हुए। दिन को पहले की तरह इबादत में गुजारने की सीख दी। इस दौरान अकीकत मंदों ने शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज अदा की। अलविदा की नमाज की लेकर शुक्रवार को अहले सुबह से ही चहल-पहल तेज हो गई थी। अलविदा जुमे की नमाज में रोजेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही ईद की तैयारी में जुटे अकीकतमंद। कस्बा के विभिन्न मस्जिदों सहित ग्रामीण क्षेत्र के मस्जिदों में अकीकतमंदों ने पूरी शिद्दत के साथ नमाज अदा की। मस्जिदों में भीड़ उमडने की संभावना देख प्रबंधन कमेटी ने भी किसी प्रकार की चूक नहीं छोड़ी। अलविदा जुमे बाजार स्थित नगर कस्बा बाजार चौक स्थित शाही जामा मस्जिद में हाफिज तौहीद रजा ने अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई। अलविदा जुमे की नमाज के लिए रोजेदारों की भीड़ 12 बजे से मस्जिदों में जुटने लगी। रोजेदारों ने अलविदा जुमे की नमाज में फिर से माह-ए-रमजान की दुआ मांगी। साथ ही अमन-चैन भाईचारगी का भी दुआ मांगी गई। अलविदा जुमे की नमाज के बाद अकीकतमंद अब ईद की तैयारी में जुट गए है। पाक ए माह रमजान पूरी तरह इबादत का माह है। शुक्रवार की देर शाम बाजारों में काफी भीड़ बढ़ गया। खासकर महिलाओं की भीड़ अधिक देखी गई। तीस दिन तक रोजा रखने के बाद अकीकतमंद पांच या छह जून को ईद मनाएंगे। यह चांद दिखने पर निर्भर करेगा। तीस दिनों तक अकीकतमंद पांचों वक्त का नमाज पढ़ते है। समाज की तरक्की, आपसी भाईचारगी, अमनचैन की दुआ मांगी जाती है। इस दौरान उपजिलाधिकारी सुश्री ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सहित कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर, सिपाही अभय कुमार तिवारी, दुर्गेश कुमार तिवारी, मुकुल मिश्रा, सुधीर शुक्ला, अनूप कुमार राय, रतन कुमार सरोज, दीपक मिश्रा, आयुष कुमार सहित आदि मय पुलिस कर्मियों के साथ मुस्लिम इलाको के मस्जिदों स्थलों का भ्रमण करते रहे। वही स्टेशन बाजार स्थित पुलिस चौकी इंचार्ज अश्वनी प्रताप सिंह आसपास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मुस्लिम बस्ती इलाके के सभी मस्जिदों के पास सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस जवान तैनात रहे।