’ वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट वाराणसी राज्यपाल महोदया के हाथों उत्तर प्रदेश राज्य बिरसा मुंडा जनजाति सम्मान से गोंड आदिवासी विनोद कुमार मरावी को सम्मानित किया गयाप्रदेश सहित जनपद वाराणसी के गोंड आदिवासी समाज में खुशी की लहर दौड़ गई.’यह गौरवपूर्ण सम्मान आदरणीया राज्यपाल माननीया श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के कर कमलों द्वारा आज 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिनांक 26-1-2026 को राजभवन लखनऊ ,उत्तर प्रदेश में माननीय उप मुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक जी की गरिमामय उपस्थिति में गोंड आदिवासी विनोद कुमार मरावी जी को प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान इसलिए मिला है कि इन्होंने जनजातीय शोध एवम विकास संस्थान के उद्देश्यों को विगत 25 वर्ष से गोंड समुदाय की रीति-रिवाज, परंपरागत शिल्पकला सहित आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट उल्लेखनीय योगदान से देश के सभी राज्यों में जनपद बनारस की गोंड संस्कृति और कला को प्रचार-प्रसार कर उसे बढ़ावा देकर जनमानस को आदिम गोंड समुदाय के प्रति जागरूक भी किया गया।
आप कार्यों के निर्वहन में कर्मठ और लगनशील के साथ मृदुल व्यवहार आदि व्यक्तित्व के धनी के साथ आदिम समाज के विकास और संरक्षण हेतु दिया गया है । इस अवसर पर जनजातीय शोध एवम विकास संस्थान उत्तर प्रदेश परिवार की ओर से मरावी को ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाओं के साथ सेवा जोहार।
विनोद कुमार मरावी का निवास स्थान-गनेशपुर, वार्ड-14, पोस्ट-शिवपुर, वाराणसी है। जो गोंड आदिवासी जनजाति समाज के जाने माने शिल्पकार है। इन्होनें अपने युवा साथियों के साथ मिल कर सन् 1990 में 10 लोगों के समूह बनाया। जो गोंड समाज की विलुप्त हो रही गोंडी नृत्य-गीत को संरक्षण के कड़ी में अपने समूह के साथ गायन बाजन एवं नृत्य का कार्य करना प्रारम्भ किया। जिसे अनेक त्योहार पर्व, सादी विवाह, बड़ादेव पूजा-पाठ, कुल देवी पूजा-पाठ एवं अतिथियों के स्वागत आदि अवसरों पर किया करते रहे। बदलते परिवेश एवं समय के साथ इन्होंने जिविकोपार्जन हेतु अनेक कार्य किया। जिसमें मजदूरी, हैण्डलूम, पावरलूम, सिलाई कार्य, साड़ी रंगाई आदि कार्य किया। वर्तमान में अपने परिवार के जिविका हेतु पावरलूम साड़ी की बुनाई एवं गोंडी नृत्य-गीत का कार्य कर क्षेत्र, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बनारस की गोंडी नृत्य का प्रचार-प्रसार किया। गोंड समुदाय का नाम रोशन करते हुए, गोंडी नृत्य को प्रदेश स्तर ही नही जी-20 अर्न्तराष्ट्रीय सम्मेलन में भी जिला प्रशासन वाराणसी के सहयोग से मनमोहक प्रस्तुति प्राचीन विश्वविख्यात स्थल सारनाथ, वाराणसी में भी किया और जनजाति भागीदारी उर्त्सव लखनऊ में वर्ष 2021 से 2025 तक करमा एवं गोंडी नृत्य की प्रस्तुति किया गया।