साक्षी सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी।आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्त संगठन राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा आयोजित 29वाँ दीक्षांत एवं शिष्योपनयन संस्कार समारोह बुधवार, 11 मार्च 2026 को प्रातः 10:30 बजे स्वतंत्रता भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ।
समारोह में देशभर से आए आयुर्वेद के विद्वानों, गुरुओं और शिष्यों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारंपरिक शिष्योपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त करना तथा नई पीढ़ी के वैद्यों को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वैद्य राजेश कोटेचा (पद्मश्री) सचिव, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतापराव जाधव, केंद्रीय राज्य मंत्री (आयुष एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वैद्य देवेन्द्र त्रिगुणा, अध्यक्ष, शासी निकाय राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ सहित कई वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान आयुर्वेद क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गुरुओं एवं शिष्यों को सम्मानित किया गया तथा सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
डॉक्टर कृष्ण कुमार मदोरिया ने बताया कि समारोह में कुल 700 से अधिक गुरु एवं शिष्यों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा है, जिसे आधुनिक शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि यह विश्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सके।