Follow us on

समीक्षा में काशी के गौरव थे डा.बच्चन सिंह–डा.इन्दीवर

Share this post:

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट

वाराणसी –-बच्चन सिंह व्यापक अध्ययन वाले साहित्य इतिहास के विवेचक अनुसंधाता थे। वह आलोचना के नए उपकरणों से टकराते थे, उनकी उपयोगिता और औचित्य की छानबीन करते थे। काशी में वे एकमात्र आलोचक थे जो नई समीक्षा में काशी के गौरव कहे जा सकते हैं। उनके अलावा छठे दशक में कोई आलोचक काशी से प्रारम्भ कर काशी में ही अन्तिम अवस्था को प्राप्त नहीं हुआ।उक्त बातें वरिष्ठ समीक्षक डॉक्टर इनदीवर ने साहित्यिक संघ एवं विद्याश्री न्यास द्वारा शनिवार को जिला राजकीय पुस्तकालय में आयोजित काशी की धरोहर कार्यक्रम के 15 वें आयोजन में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बच्चन सिंह में यथार्थोन्मुख जीवन दृष्टि थी। उनकी मेधा समीक्षा काव्यशास्त्र और इतिहास क्षेत्र में सृजित हुई है। उनकी आलोचना में भाषिक संरचना उसके रूप तत्व की विलक्षणता का सूक्ष्म विवेचन हुआ है। संगोष्ठी में कवि त्रिलोचन की यात्रा पर भी विचार व्यक्त किया गया। राजीव गांधी विश्वविद्यालय डीम्ड अरुणाचल प्रदेश के प्रवक्ता हरी निवास पाण्डेय ने त्रिलोचन को धरती का कवि कहा। उन्होंने उनकी अनेक कविताओं का उद्धरण प्रस्तुत कर उन्हें मुक्त छंद की कविता का उत्कृष्ट कवि बताया। इसका कार्यक्रम के संयोजक विद्याश्री न्यास के सचिव डॉक्टर दयानिधि मिश्रा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। प्रो0 सुरेन्द्र प्रताप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारम्भ आनंद कृष्ण मासूम ने माता सरस्वती की वंदना व सुचिस्मिता पाण्डेय के गीत प्रस्तुतिकरण से किया गया।इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अत्रि भारद्वाज, डॉक्टर अशोक कुमार सिंह, गोपाल जी राय, अरुण कुमार केसरी, मंजरी पाण्डेय, संतोष प्रीत,गिरीश पाण्डेय, डॉक्टर श्रद्धानंद, डॉक्टर प्रताप शंकर दुबे, पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार, डॉ कुमार महेंद्र,डा. शैलेंद्र सिंह,डा.शिव कुमार पराग, डा.राजीव कुमार सिंह,रामजतन पाल, सूर्यकांत त्रिपाठी,डा. उदय प्रकाश आदि साहित्यकार गण उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम का संचालन डा.संगीता श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित सोच विचार के सम्पादक नरेन्द्र नाथ मिश्र ने किया।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x