वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के क्रीड़ा प्रांगण में 20 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक राष्ट्रीय सरस मेले का आयोजन किया जायेगा। इस सरस मेले में देश भर के विभिन्न प्रदेशों के उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित कर बिक्री भी की जाएगी। जनपद वाराणसी में पूर्व में इस तरह के मेले का आयोजन चार बार किया जा चुका है। जिसमें समूहो को अच्छा कारोबार करने का अवसर मिला था। मेले में बिहार, बंगाल, उड़ीसा, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, केरल व हरियाणा आदि के प्रमुख स्टाल आ रहे हैं। साथ ही जनपद वाराणसी के साथ साथ अन्य जनपदों से भी स्टालों का प्रतिभाग कराया जा रहा है। इस मेले में मुख्य रूप से चिकन कारी,ब्लैक पाटरी, सिल्क साड़ी, लकड़ी के खिलौने, लेडिस गारमेंट, कांच की चूड़ियां, सॉफ्ट टॉय, डेकोरेटिव आइटम, जरी जरदोजी, जूट बैग, बांस के उत्पाद, चादर, नेचुरल फूड, नारियल के उत्पाद आदि प्रमुख हैं।मेला ना केवल हुनरमंद कुशल महिला कारीगरों के कला के प्रदर्शन का मंच होगा, बल्कि उनके हुनर को घर-घर पहुंचाने एवं उससे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायक भी होगा। मेले की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी वाराणसी ने राइफल क्लब में मंगलवार को समीक्षा बैठक की एवं मेले की तैयारी, यातायात, साफ सफाई, स्वास्थ्य सुविधा, अग्निशमन व्यवस्था, प्रतिभागियों के ठहरने एवं आने जाने की व्यवस्था व सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त स्वत: रोजगार वाराणसी पवन कुमार सिंह ने मेले के प्रचार प्रसार, बिक्री एवं अभी तक की तैयारी को लेकर जानकारी साझा किया। मेले में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार लोगों के आने की संभावना है। मेले में बच्चों के लिए मिकी हाउस व खान-पान के स्टाल भी लगाए जाएंगे। मेले में प्रतिदिन सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। जिससे अन्य प्रदेशों से आए हुए स्टाल प्रतिभागियों एवं मेला आगंतुकों को वाराणसी के कला से रूबरू होने का अवसर प्राप्त होगा। बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी आदर्श कुमार तथा आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह उपस्थित रहे।