सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानियां। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा की ओर से विकसित भारत जी राम जी कानून को लागू करो 125 दिन नहीं साल भर काम देने की गारंटी,729 रूपए रोजाना मजदूरी लागू करो। बिजली बिल माफ करो अन्य राज्यों की तरह 200 यूनिट फ्री बिजली देने की गारंटी करो जहां झोपड़ी वहीं मकान दो, गरीबों किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ करो (माले) नेताओं और गरीबों को फर्जी मुकदमे में फंसाना बंद करो, बंजर सीलिंग परती पर पीढ़ी दर पीढ़ी से बसें गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने के बजाय पट्टा आदि देकर विनियमितिकरण किया जाए। कसेरा गांव में चकरोड़ को मौके पर बहाल किया जाए आदि सवालों को लेकर मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय पर धरना दिया। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला कार्यकारिणी सदस्य लालजी वनवासी ने कहा कि मनरेगा को रद्द कर सरकार ने विकसित भारत जी राम जी कानून को लाया है। जो सरकार के अनुसार 1जुलाई से लागू हो गया है। लेकिन गरीबों को जांबकार्ड अब तक नहीं बना है। उन्होंने जी राम जी कानून को 125 दिन के बजाय साल भर काम देने नहीं तो बेरोजगारी भत्ता देने की मांग उठाई तथा 18 बर्ष से ऊपर के सभी मजदूरों को जांबकार्ड जारी कर काम तत्काल उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की ओर से मनमाने ढंग से बढ़ा हुआ। बिजली बिल भेजकर गरीबों की बस्तियों से कनेक्शन काट कर उनके घरों में अंधेरा कर जबरिया वसूली की जा रही है तथा स्मार्ट मीटर लगाकर गरीबों का खून चूसा जा रहा है। उन्होंने खून चूसवा प्रीपेड मीटर को हटाने अब तक की बकाया बिल माफ करने, पंजाब हरियाणा दिल्ली समेत अन्य राज्यों की तरह दो सौ यूनिट फ्री बिजली उपलब्ध कराने की मांग उठाई साथ ही गरीबों के स्वयं सहायता समूह, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से लिए गए कर्ज माफ करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि अडानी, अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों के कर्ज सोलह हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ हो सकते तो भूमिहीन गरीबों और किसानों के क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि कसेरा गांव में चकरोड़ को मनबढ़ दबंगों द्वारा जबरन जोता जा रहा है तहसील के अधिकारियों ने नापी भी कराया है लेकिन मौके पर दबंगों की ओर से चकरोड नहीं छोड़ा जा रहा है। उन्होंने मौके पर चकरोड बहाल करने की मांग उठाई तथा चेतावनी दी कि प्रशासन द्वारा अगर कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो भाकपा ( माले) मौके पर चकरोड बहाल करने के लिए कसेरा मार्च करने को बाध्य होगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता राम नगीना पासी ने कहा कि, जमानियां थाने में गरीबों की फरियाद नहीं सुनी जा रही है बर्बर हमलें तक की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है तियरी गांव के विनोद गुप्ता, तथा भैदपुर की नीलम पर हमलें की घटना इसके ताजा उदाहरण है।थाने में घटना की सबसे पहले तहरीर दी गई लेकिन विपक्षीगण की रिपोर्ट दर्ज की गई। लेकिन पीड़ित परिवारों की रिपोर्ट नहीं दर्ज किया गया। यही हाल गहमर थाने का है जहां (माले) नेता रोहित बिंद को हर एक मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर परेशान कर रही है जबकि उन घटनाओं में वे दूर-दूर तक नहीं है। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से स्वत: संज्ञान लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बिना शर्त मुकदमे वापस लेने, फर्जी व मनगढ़ंत मुकदमे रद्द करने, तथा सुरेन्द्र बिंद समेत अन्य पर हुए हमलें की प्रथम सूचना रिपोर्ट तुरंत दर्ज करने की मांग उठाई साथ रोहित बिंद के परिजनों के धर पकड़ और पुलिसिया उत्पीड़न की घटना पर रोक लगाने के लिए कड़ा कदम उठाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना में मजदूरी का पैसा आज तक लाभार्थी को नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने तुरंत लाभार्थी के खाते में भेजने की मांग उठाई। धरना को संबोधित करते हुए भाकपा ( माले) नेता मुराली वनवासी ने कहा कि जमानियां तहसील क्षेत्र के गांव -गांव में गांव समाज बंजर की जमीनों पर पीढ़ी दर पीढ़ी से बसें गरीबों को उजाड़ने की नोटिस जारी किया जा रहा है उन्होंने जबरिया बेदखल करने के बुलडोजर चलाने के बजाय पट्टा आदि देकर विनियमितिकरण करने राम अवध बिंद,राम नगीना पासी,मुराली वनवासी, लालू बिंद, राजनरायन कुशवाहा सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।