वाराणसी काशी दीप विजन )।शहर की विभिन्न सीवर लाइनों में बालू से भरी बोरियां,पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई एवं अन्य मलबा पाए जाने के मामलों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी वाराणसी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की विशेष जांच टीम
(एसआईटी) गठित कर निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई। अधिवक्ता शशांक शेखर ने कहा कि शिवाला क्षेत्र की मुख्य सीवर लाइन से लगभग 12 बोरी बालू, जबकि नगवा, सरायनंदन सहित अन्य स्थानों पर भी सीवर लाइनों में बालू एवं अन्य सामग्री मिलने की सूचनाएं गंभीर हैं। प्रथमदृष्टया यह महज तकनीकी समस्या न होकर किसी सुनियोजित कृत्य की आशंका उत्पन्न करती है। इसकी वास्तविकता निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है।
उन्होंने प्रस्तावित एसआईटी में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ नगर निगम, जलकल तथा तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की। टीम से शहर के सभी संवेदनशील सीवर फ्लो-प्वाइंट, मैनहोल एवं अन्य स्थानों की जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज, बालू एवं अन्य सामग्री की खरीद व परिवहन, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों तथा संदिग्ध गतिविधियों का वैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग की गई।
अधिवक्ता शेखर ने कहा कि काशी की सार्वजनिक व्यवस्था एवं गरिमा से जुड़ा यह संवेदनशील विषय है। यदि जांच में सीवर व्यवस्था को जानबूझकर बाधित कर जलभराव अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास प्रमाणित होता है तो इसमें शामिल व्यक्तियों एवं संभावित षड्यंत्र का पर्दाफाश कर उनके विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि काशीवासियों के हित और शहर की सुरक्षा को देखते हुए मामले की तह तक जाना आवश्यक है।