सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। प्राथमिक विद्यालय वरुईन खास पर शनिवार 4 अप्रैल 2026 को स्कूल चलो अभियान के तहत वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कक्षा एक से पांच तक के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले छात्रों एवं उनके अविभाभको को सम्मानित किया गया साथ ही साथ कक्षा 1 से 5 तक के शत प्रतिशत उपस्थित होने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बच्चों को नियमित विद्यालय में भेजने एवं डीबीटी के तहत जो ₹1200 भेजे जा रहे हैं उसका बच्चों के ड्रेस, स्टेशनरी ,जूता -मोजा पर खर्च करें एवं अपने बच्चों को साफ-सुथरे ड्रेस में विद्यालय भेजना का अनुरोध खण्ड शिक्षा अधिकारी जमानियां द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक,ए आर पी एवं ब्लॉक के अध्यक्ष सुरेन्दर नथ यादव जी उपस्थित रहे। बताया जा रहा है। की सरकारी स्कूल के बच्चों को CM योगी आदित्यनाथ ने ड्रेस दिए। परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को ड्रेस, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता मोजा, स्टेशनरी के लिए अभिभावकों के खाते में DBT से धनराशि भी भेजी जा रही है। उक्त मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बरूईन खास विद्यालय पर बच्चों के जूता मोजा, स्टेनरी के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपए भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रति छात्रा को दिए गए 1200 रुपए में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपए की धनराशि भी दी गई। यह राशि निशुल्क यूनिफॉर्म के लिए सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी गई। इससे पहले स्कूल के बच्चों को मिलने वाले ड्रेस को लेकर काफी शिकायतें रहती थीं। लेकिन उन शिकायतों को दूर करने के लिए अब डीबीटी माध्यम का उपयोग किया गया है। कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री का निर्देश के तहत अब
गरीबी को दूर करने में प्रमुख पैरामीटर साबित हो रही है। सुनील कुमार ने नीति आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए। कहा कि उत्तर प्रदेश को गरीबी से मुक्त करने के जिस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिली है। वह बड़ी उपलब्धि है। जो लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं। वो सक्षम हुए हैं। नीति आयोग ने जो पैरामीटर तय किए थे। उसमें सबसे पहला पैरामीटर शिक्षा ही था। शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं और आने वाले 5-10 साल में इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। उक्त मौके पर अरविंद सिंह, सुरेंद्रनाथ सिंह सहित आदि अध्यापकगण शामिल रहे।