Follow us on

150 साल पुराने डी बाबा मंदिर को तोड़े जाने पर भड़के लोग, सड़क जाम कर जताया विरोध

Share this post:

रवि शंकर राय की रिपोर्ट

वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर पोखरा के सामने स्थित लगभग 150 वर्ष पुराने डी बाबा मंदिर को नगर निगम द्वारा तोड़े जाने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और नगर निगम की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। सूचना मिलते ही चितईपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस भूमि पर वे लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं, वह उन्हें जीविकोपार्जन के उद्देश्य से प्रदान की गई थी। क्षेत्र के अधिकांश परिवार पारंपरिक रूप से मिट्टी के बर्तन और घड़े बनाने का कार्य करते हैं तथा पीढ़ियों से इसी व्यवसाय के माध्यम से अपना जीवनयापन कर रहे हैं। लोगों का दावा है कि इसी क्षेत्र में स्थित डी बाबा का मंदिर करीब डेढ़ सौ साल पुराना है और यह स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।

क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, नगर निगम द्वारा मंदिर को तोड़े जाने से पहले किसी भी प्रकार का नोटिस या सूचना नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण को अवैध मानकर कार्रवाई की जानी थी तो पहले संबंधित पक्ष को नोटिस देना आवश्यक था। बिना पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों को आहत किया है और उनमें नाराजगी बढ़ा दी है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर सड़क की भूमि पर नहीं बना था, बल्कि जिस भूखंड पर उनका अधिकार है उसी परिसर के भीतर स्थित था। उनका कहना है कि यदि राजस्व और नगर निगम के अभिलेखों की जांच कराई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि मंदिर सड़क पर अतिक्रमण कर निर्मित नहीं था। ऐसे में मंदिर को ध्वस्त किए जाने का निर्णय कई सवाल खड़े करता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि डी बाबा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं था, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का भी प्रतीक था। वर्षों से यहां पूजा-अर्चना होती रही है और आसपास के लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ इस मंदिर से जुड़े रहे हैं। मंदिर के टूटने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और वे इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि मंदिर को किस आधार पर तोड़ा गया। साथ ही यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

घटना की सूचना पर चितईपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया और उनकी बातों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बना हुआ है। हालांकि स्थानीय लोगों में अब भी नगर निगम की कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है। लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य में धार्मिक स्थलों और जनभावनाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनी रहे।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x