पुरानी बातें एक नज़र इधर भी 40 साल पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तो सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक, *केंद्र में इंदिरा गांधी और महाराष्ट्र में अब्दुल रहमान अंतु*
एक हाथ में सत्ता में थे.
फिर एक चाल चली गई, जिसे
हिंदू भूल गए उस समय सरकार ने शहीद नौसेना सैनिकों की विधवाओं के लिए एक NGO ट्रस्ट शुरू किया।
जिसमें अब्दुल अंतुले की सलाह पर
सायरा बानो को मानद सदस्य बनाया गया।
बाद में सायरा बानो बेगम को भी संगठन का प्रमुख बनाया गया।बाद में सारी पावर इस बेगम के पति, एक्टिंग बादशाह ((?)) यूसुफ खान के हाथ में आ गई, जिन्हें हिंदू दिलीप कुमार कहा जाता है…
दो साल में ऑडिट के बाद पता चला कि शहीद सैनिकों की विधवाओं के लिए सरकार की तरफ से जमा किए गए 140 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं था…. और *यह रकम ट्रस्ट के हेड के पति यूसुफ खान (दिलीप कुमार) के अकाउंट में जमा कर दी गई थी।
जैसे ही यह खबर अखबार में लीक हुई, *अगले दिन चीफ ऑडिट ऑफिसर की अचानक मौत हो गई
जिस तरह कांग्रेस के राज में कई देशभक्त नागरिकों को मारा गया..
इससे सबको यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार की….शानदार एक्टिंग याद आ गई!!1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले,उसी यूसुफ-सायरा बंगले के बेसमेंट से एक हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो ट्रांसमीटर जब्त किया गया था। यूसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार ने अपनी मौत के समय वक्फ बोर्ड को कुल 98 करोड़ रुपये कैश – अचल संपत्ति और चल संपत्ति दी थी। खैर;. सरदार पटेल के मरने के बाद नेहरू ने कांग्रेस को अपनी प्रॉपर्टी समझकर अपने परिवार और मुसलमान के लिए शासन करने लगा था वह एक नंबर का हिंदू द्रोही था उसने हर जगह मुसलमान को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया देश के कानून भी मुसलमान के पक्ष में और हिंदुओं के विरोध में बनाया था आज वही काम नर्तकी नंदन कर रहा है खुलेआम हिंदुओं को गाली दे रहा है और मुसलमान का गुणगान कर रहा है.