साक्षी सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी-धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में शनिवार को भक्ति का एक अनूठा रंग देखने को मिला। हरे कृष्ण इस्कॉन बनारस द्वारा अर्दली बाजार स्थित अक्षय पात्र परिसर (एल.टी. कॉलेज) में ‘फूलों की होली’ का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में श्रद्धा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत तालमेल नजर आया, जिसमें 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुंजायमान हुआ परिसर*
कार्यक्रम का शुभारंभ सुमधुर ‘हरिनाम संकीर्तन’ से हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। उत्सव में कला और शिक्षा का सुंदर समन्वय दिखा
*शास्त्रीय नृत्य* : बीएचयू की छात्राओं विशाखा मौर्या और सौम्या सिंह ने मनमोहक भरतनाट्यम प्रस्तुत किया।
*स्कूली सहभागिता* : कंपोजिट विद्यालय अर्दली बाजार (हेडमास्टर बाबूलाल यादव), नारायणपुर (शशिप्रभा श्रीवास्तव) और दशाश्वमेध (आरती सिंह) के छात्र-छात्राओं ने अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।
*विशेष आकर्षण* : नृत्याक्षी इस्कॉन अकादमी और ‘कन्नन मधुरा गीतम’ की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
*पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश:*
बिना पानी और रसायनों की होली
इस्कॉन ने इस आयोजन के माध्यम से समाज को स्वच्छता और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया।
*पुष्प वर्षा:* भगवान श्रीकृष्ण के साथ 700 किलोग्राम से अधिक फूलों से होली खेली गई।
*पुष्प अभिषेक* : लगभग 200 किलोग्राम फूलों से प्रभु का अभिषेक किया गया।
*इको-फ्रेंडली उत्सव:* पूरे आयोजन में जल की बर्बादी को रोका गया और हानिकारक रासायनिक रंगों का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया गया।
*गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति*
प्रदेश सरकार के मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कार्यक्रम में शिरकत कर आयोजकों को बधाई दी। इस्कॉन बनारस के अध्यक्ष युधिष्ठिर प्रभु ने बताया कि संस्था काशी में भक्ति के साथ-साथ शिक्षा और संस्कारों के मिशन पर कार्य कर रही है। आयोजन के महाप्रबंधक सचिन पौरुष और अक्षय पात्र के मैनेजर अनुज तिवारी ने इस उत्सव को युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्य आकर्षण एवं समापन
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में पुष्प अभिषेक, विद्वत प्रवचन, महाआरती और भव्य पालकी उत्सव शामिल रहे। अंत में उपस्थित हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर संजय प्रभु, दिनेश पांडे, जेपी यादव, दुर्गेश पांडे, विकल्प सिंह सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।