बुलंदशहर,उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। रंग और उल्लास के पर्व ‘होली’ के माहौल के बीच, एक मासूम नाबालिग बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया। मेले की भीड़ का फायदा उठाकर चार दरिंदों ने न केवल मासूम का अपहरण किया, बल्कि एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
मेले की खुशियां मातम में बदलीं मचा कोहराम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ स्थानीय होली मेला देखने गई थी। मेले की चकाचौंध के बीच घात लगाए बैठे चार आरोपियों ने बच्ची को अकेला पाकर उसे अगवा कर लिया। शोर-शराबे का लाभ उठाकर आरोपी उसे एक एकांत स्थान पर ले गए, जहाँ चारों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने किसी तरह घर पहुँचकर परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस की कार्रवाई: दो आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं और POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
गिरफ्तारी: पुलिस ने दबिश देकर अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
तलाश जारी: शेष दो फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी अपराधी भी गिरफ्तार होंगे
इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि इन दरिंदों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके