दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी। प्रबंधशास्त्र अध्ययन संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शुक्रवार को ‘उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विद्यार्थियों को उद्यम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में एम.एस एम.ई. से जुड़ी योजनाओं और अवसरों पर चर्चा की गई, जिसमें मुद्रा लोन, मुख्यमंत्री युवा योजना, ओडीओपी, ओडीओसी आदि वित्तीय योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। महिलाओं के लिए उद्यमिता के अवसरों पर जोर दिया गया और उद्यमियों को लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करने की सलाह दी गई।
मुख्य अतिथि राजेश भाटिया, अध्यक्ष, लघु उद्योग संघ, वाराणसी ने उद्यम एवं राष्ट्र निर्माण में उद्यमियों की भूमिका के बारे में बताया और उद्यमियों को समस्या समाधान और सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि अविनाश अग्रवाल, लीड डिस्ट्रिक मैनेजर, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एम.एस.एम.ई. से जुड़ी हुई विभिन्न वित्तीय योजनाओं पर प्रकाश डाला। संजीव सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज, डी.आई.सी. ने विद्यार्थियों को बताया कि एम.एस.एम.ई. का योगदान जी.डी.पी. में निरन्तर बढ़ता जा रहा है। आर.के. चौधरी व विरेन्द्र राणा सहायक निदेशक, एम.एस.एम.ई., वाराणसी ने उद्यमिता सम्बंधित संसाधनों के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया।
प्रबंधशास्त्र अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विकास में नवप्रवर्तन की भूमिका को दर्शाता है और उद्यमिता एक स्वर्णिम अवसर है जिसका लाभ उठाना चाहिए। स्वागत भाषण डॉ. चित्रसेन गौतम, संचालन डॉ. अभिषेक कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रिया सिंह ने किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार शुक्ल, डॉ. धनंजय विश्वकर्मा, डॉ. आयुष कुमार, डॉ. रीना शुक्ला, डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सिद्धार्थ रावत, शुभि यादव, डॉ. राजीव कुमार सिंह, प्रियांशा त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।