सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। ईद-उल फ़ित्र की नमाज़ सुबह 7, 45 बजे शाही जामा मस्जिद में और 8 बजे अमानत खान की मस्जिद में अदा की जाएगी। इसकी जानकारी शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा ने शुक्रवार (जुम्मे) के दिन अपने तकरीर में कही। उन्होंने बताया कि आम तौर पर शाही जामा मस्जिद में ईद की नमाज सुबह 7:45 बजे और 8 बजे अमानत खान की मस्जिद में अदा होगी। दोनों मस्जिद में अलग अलग समय निर्धारित किया गया है। ताकि किसी नमाजी की नमाज छूट ना सके। ईदगाह और बड़ी मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज होगी। विभिन्न मस्जिदों में कमेटियाँ चाँद दिखने के बाद सटीक समय की घोषणा करती हैं। रजा ने बताया कि स्थानीय रवायतों और मस्जिदों के अनुसार समय थोड़ा बदल सकता है। मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि ईद-उल-फ़ित्र की नमाज का हुआ वक्त मुकर्रर अहले सुन्नत मिल्लत-ए- इस्लामिया शुक्रवार को अलविदा(जुम्मे) को सर्वसम्मति से ईद-उल- फ़ित्र के नमाज का वक्त मुकर्रर किया गया। जिसमें कस्बा बाजार के शाही जामा मस्जिद में सुबह 7,45 बजे, और अमानत खान की मस्जिद में 8 बजे समय तय किया गया।बता दें कि ईद का अर्थ अरबी में पर्व त्योहार या ख़ुशी है। जो इस्लाम में भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है। मुख्य रूप से दो ईद होती हैं। रमज़ान के बाद ईद-उल-फ़ित्र (मीठी ईद) जो यह ख़ुशी गले मिलने और उपहार बांटने का दिन है। अर्थ ‘लौटकर आने वाली ख़ुशी या उत्सव ईद-उल-फ़ित्र (रोज़ों की समाप्ति पर सुबह की विशेष नमाज़ गले मिलना ईद मुबारक कहना और सेवइयां या मिठाई का सेवन करना एक विशेष परंपरा है। नूरी मस्जिद के इमाम असरफ करीम कादरी ने बताया कि लोदीपुर ईदगाह में 7,45 पर नमाज अदा की जाएगी। उक्त मौके पर हाफिज तौहीद रजा, अमन शांति कमेटी के सरपरस्त नेसार अहमद खान वारसी, हयात खान वारसी, माहिर कमाल अंसारी, आरिफ खान वारसी, असलम पान वाले, दानिश मंसूरी, हयात खान वारसी, शाहिद जमाल मंसूरी, प्रिंस खान, अफजाल मंसूरी