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हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर का पांचवां दिन

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सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर का पांचवां दिन एकात्म ध्यान और विश्व जल संरक्षण दिवस के संदेश पर केंद्रित रहा। शिविर के पांचवें दिन की शुरुआत जागरण, योग, प्रार्थना और श्रमदान से हुई। प्रथम सत्र में महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री, डॉ. विजय श्याम पांडेय एवं हार्टफुलनेस (Heartfulness) के प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।मिथिलेश कुमार नेशिविरार्थियों को सार्वभौमिक एकात्मवाद से जोड़ते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव का प्रभावी प्रबंधन एकात्मवाद के माध्यम से संभव है। प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने अपने उद्बोधन में हार्टफुलनेस ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पद्धति से मन को शांत किया जा सकता है तथा जीवन के हर चरण में यह अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है।इसी सत्र में शिविरार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश दिए। द्वितीय सत्र में विश्व जल संरक्षण दिवस (22 मार्च) की थीम पर आधारित जल संरक्षण जागरूकता रैली निकाली गई। रैली महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर जमानियां रेलवे स्टेशन, गांधी चौक होते हुए जमानियां बस स्टैंड तक गई। बस स्टैंड पर शिविरार्थियों ने नशामुक्ति पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर आमजन को जागरूक किया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अभिषेक तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक आचार्य अमित कुमार, पप्पू कुमार, अनिमेष, शीपू सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। यह शिविर युवाओं में सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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