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नगर निगम नहीं वन विभाग संभालेगा बंदर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़ा फैसला, शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद

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दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट

वाराणसी। जिले में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। अब तक बंदरों को पकड़ने और उनके प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी, लेकिन शासन के नए आदेश के बाद यह जिम्मेदारी अब वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंप दी गई है। इस बदलाव से शहर में बंदरों की समस्या के समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी है

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया निर्णय

यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद लिया गया है। ‘विनीत शर्मा व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ मामले में आए निर्देशों के बाद शासन ने उच्च स्तरीय बैठक कर यह अहम फैसला लिया। इसके तहत नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

एक महीने में बनेगी समेकित कार्ययोजना

शासन के निर्देश के अनुसार, वन विभाग को एक महीने के भीतर बंदरों के प्रबंधन के लिए विस्तृत और समेकित कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इस योजना में बंदरों को पकड़ने, उनके पुनर्वास और समस्या के स्थायी समाधान की पूरी रूपरेखा शामिल होगी।

नगर निगम और अन्य विभाग करेंगे सहयोग

हालांकि इस कार्य की मुख्य जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है, लेकिन नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को भी सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा सुझाए गए उपायों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।

अब खत्म होगी जिम्मेदारी को लेकर खींचतान

अब तक नगर निगम और वन विभाग के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, जिससे बंदरों को पकड़ने का काम प्रभावित होता था। नई व्यवस्था में जिम्मेदारी स्पष्ट होने से इस समस्या के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।

शहरवासियों को मिलेगी राहत

इस फैसले से वाराणसी के लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। लंबे समय से बंदरों के आतंक से परेशान शहरवासियों को उम्मीद है कि अब ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली परेशानी कम होगी।

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