दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी* उत्तर प्रदेश की ताजी प्रशासनिक फेरबदल में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। अपनी बेखौफ कार्यप्रणाली और जनता के प्रति संवेदनशीलता के लिए मशहूर *आईपीएस नीतू काद्दयान** को पदोन्नत करते हुए डीसीपी (DCP) गोमती जोन की कमान सौंपी गई
नीतू काद्दयान ने वरुणा जोन में बतौर एडीसीपी (ADCP) रहते हुए जो मानक स्थापित किए, उसकी चर्चा आज पूरे वाराणसी में है। स्थानीय लोगों के बीच वह ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हैं। उनके कार्यकाल की कुछ खास बातें:
अपराधियों का सरेंडर: वरुणा जोन में किसी भी बड़ी वारदात के बाद जैसे ही नीतू काद्दयान की एंट्री होती थी, अपराधी या तो खुद सरेंडर कर देते थे या कुछ ही घंटों में सलाखों के पीछे होते थे।
फरियादियों की मसीहा: अपराधियों के लिए पत्थर जैसी सख्त दिखने वाली यह अधिकारी पीड़ितों और फरियादियों के लिए हमेशा मददगार साबित हुईं। उनके सरल और नेक स्वभाव ने उन्हें आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया।
अब गोमती जोन में दिखेगी ‘नारी शक्ति’
गोमती जोन के डीसीपी का पद संभालने के बाद अब यह माना जा रहा है कि इस इलाके में मनबढ़ों और पेशेवर अपराधियों की खैर नहीं होगी। नीतू काद्दयान की कार्यशैली को देखते हुए जनता को उम्मीद है कि अब गोमती जोन की सुरक्षा व्यवस्था और भी चाक-चौबंद होगी।
लेडी सिंघम का वरुणा जोन का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा। अब गोमती जोन में उनकी तैनाती से बड़े सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है वाराणसी के स्थानीय नागरिक
प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियां
इस बदलाव के साथ ही वाराणसी पुलिस में महिला अधिकारियों का वर्चस्व और मजबूत हुआ है। गाजियाबाद से आईं *आईपीएस लिपि नागपात* को एडिशनल डीसीपी (ADCP) वरुणा की जिम्मेदारी दी गई है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का यह फैसला न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि **’नारी शक्ति’** के बढ़ते कदमों को भी रेखांकित करता है। अब देखना होगा कि डीसीपी नीतू काद्दयान गोमती जोन में अपराधियों पर अपना शिकंजा किस तरह कसती हैं।