वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी — संयुक्त कृषि निदेशक वाराणसी मंडल वाराणसी शैलेंद्र कुमार द्वारा शनिवार को विकासखण्ड आराजी लाइन के राजकीय बीज गोदाम जनसा पर कृषकों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरकों की उपलब्धता सूनिश्चित किए जाने हेतु बहुउद्देशीय सहकारी समिति हाथी का शनिवार को निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही विश्व बैंक के सहयोग से संचालित यूपी के एग्रीज परियोजना के अंतर्गत चयनित ग्राम हरसोस में नि:शुल्क वितरित हरी खाद ढैंचा के प्रदर्शन प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर शैलेन्द्र कुमार के द्वारा किसानों को हरी खाद ढैंचा की फसल से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि ढैंचा की जड़ों में जो गांठे पाई जाती हैं, उसमें लाभकारी सूक्ष्म जीव पाए जाते हैं। जो वायुमंडल में पाए जाने वाली नाइट्रोजन का प्राकृतिक रूप से मिट्टी मे संचय करते हैं। जिससे मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, साथ ही साथ ढैंचा की फसल से मिट्टी की भौतिक दशा मे सुधार भी होता है। जिसके कारण भूमि की जल धारण क्षमता भी बढ़ जाती है और मिट्टी में जितने भी सूक्ष्मजीव होते लाभकारी हैं, सभी अच्छी तरह से काम करते हैं। जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा होता है। इस प्रकार से ढैंचा हरी खाद लेने से किसान भाइयों को रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करना पड़ता है। जिससे उनकी लागत में कमी आती है तथा जो उत्पादन प्राप्त होता है वह भी उच्च गुणवत्ता वाला प्राप्त होता है। संयुक्त निदेशक द्वारा सभी किसानों से अपील किया गया कि जिन किसान भाइयों की ढैंचा की फसल 40 से 45 दिन की हो गई है। वे लोग समय से खेत में इसकी पलटाई करते हुए धान की रोपाई शुरू करें। इस अवसर पर कृषक मनोज कुमार पुत्र हरिलाल, राजकुमार पुत्र हरिलाल तथा सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।