कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी नागरी नाटक मंडली में सज रही थी जालसाजी की महफिल, पुलिस की दस्तक से मची खलबली, संचालक फरार
बनारस के भोले-भाले लोगों को सोने में निवेश (Gold Investment) के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले एक बड़े गिरोह का वाराणसी पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कमिश्नरेट पुलिस की मुस्तैदी के चलते पूर्वांचल और देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों निवेशक ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
साइबर प्रभारी व एसीपी विदुष सक्सेना और चेतगंज थाना प्रभारी की संयुक्त तत्परता से **’मेडलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’** नाम की कंपनी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। यह कंपनी शहर के प्रतिष्ठित नागरी नाटक मंडली सभागार में भव्य कार्यक्रम की आड़ में एक सुनियोजित पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) चलाकर ठगी का नया जाल बुन रही थी। दिल्ली में बंद दफ्तर, लखनऊ से ऑपरेट होता था जालसाजी का खेल
जांच में सामने आया है कि ‘मेडलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ का रजिस्टर्ड कार्यालय **1/11 सुलाहकुल विहार, ओल्ड पालम रोड, द्वारका, नई दिल्ली** में कागजों पर दर्ज है, जो अमूमन बंद रहता है। ठगी के इस पूरे खेल का असली नेटवर्क **K006 रोहतास प्ल्यूमेरिया, विभूति खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ** स्थित ठिकाने से संचालित किया जा रहा था। इस पूरी धोखाधड़ी का मुख्य सूत्रधार और कंपनी का सीएमडी (CMD) **सत्यजीत राम** है, जो मूल रूप से **गोपालगंज, बिहार** का निवासी है। इसके साथ ही आनंद पांडे और उसकी टीम धरातल पर इस पूरे खेल को मैनेज कर रही थी।
VVIP नामों और बोर्ड्स का सहारा लेकर चल रहा था भ्रम का खेल
शातिर ठगों द्वारा वाराणसी में कंपनी के “छठे वर्षगांठ” के जश्न के बहाने एक मेगा इवेंट का आयोजन किया गया था। लोगों को झांसे में लेने के लिए बाकायदा वाराणसी के **पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल**, **मेयर अशोक तिवारी** और हिंदू युवा वाहिनी के कद्दावर नेता व वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के नामित सदस्य **अम्बरीश सिंह भोला** जैसे बड़े और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के नामों का फर्जी इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि आम जनता को निवेश के लिए पूरी तरह आश्वस्त किया जा सके।
गाड़ियों और आकर्षक रिवॉर्ड्स का दिया था लालच
सभागार में मौजूद देश भर से जुटे निवेशकों के हाथों में कार्यक्रम के टिकट थे। निवेशकों ने बताया कि कंपनी के प्लान के मुताबिक उन्हें आज के दिन लाखों रुपये के आकर्षक रिवॉर्ड्स और गाड़ियां बांटे जाने का सब्जबाग दिखाया गया था। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले पुलिसिया कार्रवाई ने खेल बिगाड़ दिया।
पुलिस को देख भागे जालसाज, निवेशकों ने जताया आभार
ठगी की भनक लगते ही सजग निवेशकों ने इसकी शिकायत तत्काल साइबर प्रभारी व चेतगंज पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी विदुष सक्सेना के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस की भारी मौजूदगी को भांपकर संचालक और पूरी टीम मौके से फरार हो गई।
अगर आज पुलिस सही समय पर नहीं पहुंचती, तो सैकड़ों लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते। हम साइबर प्रभारी विदुष सक्सेना जी और वाराणसी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर हमारी आवाज को बुलंद किया और हमें कंगाल होने से बचा लिया
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पीड़ित निवेशक
फिलहाल पुलिस ने कार्यक्रम को पूरी तरह रुकवा कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। साथ ही ‘मेडलियन ज्वेलर्स’ के पिछले रिकॉर्ड, लखनऊ-दिल्ली के ठिकानों और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है।