राजेश दुबे की रिपोर्ट. वाराणसी। लक्सा थाना क्षेत्र में एक कथित अधिवक्ता और उसके परिजनों पर मारपीट, लूट, रंगदारी मांगने तथा जान से मारने की नीयत से हमला करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित राधेश्याम यादव, निवासी चन्दू सोनकर का बाड़ा, बड़ी गैबी, थाना भेलूपुर, वाराणसी ने आरोप लगाया है कि 7 जुलाई 2026 की रात लगभग 9 बजे उनका पुत्र दिलीप यादव काशी अन्नपूर्णा आश्रम स्थित रामकुंड से लौट रहा था। इसी दौरान कथित अधिवक्ता संजय लालवानी की कार उनके वाहन के साइड मिरर से हल्की टकरा गई। आरोप है कि इसके बाद संजय लालवानी ने गाड़ी रोककर दिलीप यादव और उसके साथ मौजूद विवेक सोनकर उर्फ विशाल के साथ अभद्रता की, गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी तथा अपने पिता और भाइयों को भी मौके पर बुला लिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भीड़ जुटने पर विवेक सोनकर किसी तरह वहां से निकल गया, जबकि दिलीप यादव को जबरन खींचकर संजय लालवानी के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उसकी शर्ट की जेब से 4,000 रुपये निकाल लिए गए और 50,000 रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि बाद में दिलीप यादव और उसे बचाने पहुंचे रितेश यादव के खिलाफ भी दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
राधेश्याम यादव का दावा है कि पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसकी फुटेज उन्हें 8 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई। उनके अनुसार फुटेज में कथित अधिवक्ता द्वारा स्वयं दिलीप यादव को घर के अंदर ले जाते हुए और उसके साथ हुई घटना के महत्वपूर्ण दृश्य दिखाई देते हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि कथित अधिवक्ता अपने पेशे का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके द्वारा यह दावा किया गया कि छह लोग उनके घर में घुस आए थे, जबकि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज इस दावे का समर्थन नहीं करती। परिवार ने कहा कि किसी भी पक्ष के प्रभाव में आए बिना पूरे घटनाक्रम की शुरुआत से अंत तक निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
पीड़ित राधेश्याम यादव ने इस संबंध में थाना लक्सा में अभियोग दर्ज कराने तथा मामले की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी से कराए जाने की मांग करते हुए शासन-प्रशासन से न्याय दिलाने की अपील की है।