वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी — आदि लीला फाउंडेशन के तत्वाधान में 28 से 31 अगस्त 2026 तक काशी में चार दिवसीय काशी तेलुगू संगमम् का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रविवार को आदिलीला फाउण्डेशन के केंद्रीय कार्यालय सेंट्रल जेल रोड सिकरौल वाराणसी में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन की रूपरेखा विस्तार से बताया। पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय ओबीसी नेता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर वकुलाभरणम् कृष्ण मोहन राव,आदि लीला फाउंडेशन के अध्यक्ष डा.एस, आदिनारायण तथा काशी केन्द्रीय कार्यालय प्रमुख हृदय नारायण पाण्डेय ने संयुक्त रूप से कही। वार्ता के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ” काशी तेलुगू संगमम् ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “राष्ट्र प्रथम” के मंत्र तथा “एक भारत श्रेष्ठ भारत ” के संकल्प से प्रेरित एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक अभियान है। इसका उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं भावनात्मक एकात्मकता को सुदृढ़ बनाना तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत और तेलुगु समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा के मध्य सशक्त संवाद स्थापित करना है। उन्होंने बताया यह आयोजन भारतीय भाषाओं का साहित्य, कला, संगीत, नृत्य एवं लोक परंपराओं का विराट संगम होगा। देश भर से विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक, चिंतक, शोधकर्ता, सांस्कृतिक हस्तियां तथा कला साधक इसमें हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम सहित विभिन्न शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के प्रतिष्ठित गुरु एवं कलाकारों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं एवं लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। देशभर से 2000 से अधिक प्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। वक्ताओं ने बताया कि संपूर्ण आयोजन पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाएगा। प्रत्येक सत्र के लिए अलग-अलग समय निर्धारित होगा। विस्तृत कार्यक्रम मिनट टू मिनट शेड्यूल पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक जानकारियां शीघ्र ही अधिकारिक रूप से जारी की जायेंगी। उन्होंने देश भर के साहित्यकारों, कलाकारो, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक संस्थाओं तथा समाज के सभी वर्गों से इस राष्ट्रीय सांकृतिक महोत्सव में सहभागी बनने का आवाहन किया है।