सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानिया। नगर पालिका परिषद के बरामदे में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे सभासदों का आंदोलन बुधवार को दसवें दिन समाप्त हो गया। मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी वेद सिंह चौहान ने आंदोलनकारी सभासदों से बातचीत कर मामले को शांत कराया। इस दौरान सभासदों ने अपनी मांगों और नाराजगी को लेकर एडीएम को अपना सामूहिक त्यागपत्र भी सौंप दिया। एडीएम वेद सिंह चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सभासदों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभासदों द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए 11 सूत्रीय शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।अपर जिलाधिकारी (भू०/रा०) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस जांच कमेटी में मुख्य विकास अधिकारी गाजीपुर, लोक निर्माण विभाग खंड-प्रथम के अधिशासी अभियंता, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी तथा नगर पालिका परिषद गाजीपुर के अधिशासी अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि सभासदों द्वारा लगाए गए सभी 11 बिंदुओं पर बिंदुवार निष्पक्ष जांच की जाए और 15 दिनों के भीतर संयुक्त जांच आख्या (रिपोर्ट) प्रस्तुत की जाए। वही उन्होंने कहा की नियमानुसार कुल सभासदों के 1/5 सदस्यों द्वारा पालिका अध्यक्ष को बैठक बुलाने के लिए नोटिस दिया जाएगा। नगरपालिका अधिनियम के तहत नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर चेयरमैन के लिए सदन की बैठक बुलाना अनिवार्य है। सदन की इसी बैठक में सभासदों की सभी मांगों पर विचार-विमर्श कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। 19 सभासदों द्वारा सौंपे गए त्यागपत्र पर एडीएम ने कहा कि जब कानूनन बैठक बुलाना चेयरमैन की बाध्यता है, तो इस्तीफे जैसी किसी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रशासनिक आश्वासन और पहल के बाद सभासदों ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रमोद यादव, राजा चौधरी, मनीष यादव, राहुल वर्मा, मोहन गुप्ता, अंजनी गुप्ता, आशिमा खां, सचिव वर्मा, राकेश प्रजापति, सुरेंद्र चौधरी और विकास जायसवाल जुगनू सहित कई अन्य सभासद मौजूद रहे। उक्त मौके पर तहसीलदार राम नारायण वर्मा,