Follow us on

काशी विद्यापीठ : मनोविज्ञान विभाग और संगीत चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ

Share this post:

काशी विद्यापीठ : मनोविज्ञान विभाग और संगीत चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन का शुभारं वाराणसी। मनोविज्ञान विभाग और संगीत चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं अनुसंधान केंद्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगीत चिकित्सा के प्रथम वार्षिक सम्मेलन (एसीएमटी 2025) का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। ‘सामंजस्य के माध्यम से उपचार – स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था में सांस्कृतिक संदर्भ पर आधारित संगीत चिकित्सा का चिकित्सीय एकीकरण’ विषयक सम्मेलन विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय और मनोविज्ञान विभाग में हाइब्रिड मोड में आयोजित किया है, जिसमें भारत भर के प्रमुख संस्थानों के चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षक और संगीत चिकित्सा विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक औषधि है। उन्होंने कहा कि अपने पसंदीदा संगीत को पहचानें, सुनें और उसका आनंद लें, जहां दवाइयां काम नहीं करतीं, वहां संगीत उपचार करता है। उपचार में संवाद और सहानुभूति शामिल होनी चाहिए। भारत के आईएमटीए के अध्यक्ष डॉ. टी. वी. साईराम ने ने संगीत के चिकित्सीय गुणों पर जोर दिया। इस मौके पर हरिद्वार स्थित डीएसवीवी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपना विचार व्यक्त किया। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल, विषय प्रवर्तन कार्यक्रम संयोजक डॉ. दुर्गेश कुमार उपाध्याय एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. रश्मी सिंह ने किया। सम्मेलन के अन्य सत्रों में आईआईटी कानपुर के प्रो. ब्रज भूषण, येनेपोया मेडिकल कॉलेज की प्रो. विजयलक्ष्मी सुब्रमण्यम, लोक नायक अस्पताल एवं एमएएमसी की डॉ. फराह हुसैन, प्रो. आराधना शुक्ला, प्रो. अनुभूति दुबे, डॉ. ज्योति कपूर, डॉ. श्रुति तेलंग, सुश्री ऐश्वर्या राज, डॉ. शम्भावी दास, प्रो. हितेश खुराना, डॉ. शांताला हेगड़े, डॉ. सुमति सुंदर आदि ने अपना व्याख्यान दिया।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x