… वाराणसी..माघ मेले में उमड़ा जनसैलाब, पचास लाख से अधिक लोगों की डुबकी लगाने का अन..वाराणसी। काशी और प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के पावन मौके पर माघ मेले का शुभारंभ हो गया है। काशी में देररात से ही दूर दराज से आये श्रद्धांलुओं, स्नानार्थीयों की भीड़ घाटों पर उमड़ने लगी थी। भोर होते ही लाखों लोगों ने गंगा नदी में डुबकी लगानी शुरू कर दिया। वहीं प्रयागराज में सीएम योगी ने मेले की तस्वीरे शेयर करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस बार यहां पहली बार कई व्यवस्थाएं की गईं हैं। प्रशासन को पहले दिन ही 50 लाख से अधिक लोगों के स्नान का अनुमान है। फिलहाल सुबह 11 बजे तक ही 17 लाख से ज्यादा लोगों ने डुबकी लगा ली थी। त्रिवेणी तट पर डेढ़ माह तक चलने वाले माघ मेला 2026 महाकुंभ 2025 की तर्ज पर नई व्यवस्थाओं के साथ शुरू हुआ है। पूरे मेला अवधि के दौरान 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसलिए तैयारियां भी उसी अनुरूप की जा गई हैं। मेला क्षेत्र का विस्तार कर गंगा पर बनने वाले पांटुन पुलों की संख्या में इजाफा किया गया है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि शनिवार को पहले स्नान पर्व पर 30 से 35 लाख श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाएंगे। महाकुम्भ से इतर पहली बार माघ मेला का लोगो जारी किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने निजी कंपनियों से बात कर बाइक सुविधा भी शुरू की है, जिससे श्रद्धालु संगम के करीब तक जा सकें। इसके साथ ही पहली बार बिजली के पोल पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिसके जरिए लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, दावा है कि मिनटों में उन्हें मदद मिलेगी। मेला क्षेत्र में ड्रोन को प्रतिबंधित किया गया है। इसके बाद भी तमाम लोग ड्रोन उड़ाकर फोटो खींच रहे हैं। शनिवार को पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर संगम वॉच टावर पर ड्यूटी कर रहे एक सुरक्षा कर्मी की कुर्सी से ड्रोन टकरा गया। अचानक तेज आवाज आने से सुरक्षाकर्मी घबरा गए और कुर्सी टूट गई। भला हो कर्मचारी टावर के बीच में बैठे थे अगर किनारे बैठे होते तो हादसा भी हो सकता था। इसके बाद पुलिस ने मेला क्षेत्र में गश्त बढ़ाई और ड्रोन चलाने वालों को रोका।माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 11 बजे तक लगभग 14 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। माघ मेला में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा इंतजाम कायम है। मेला क्षेत्र के प्रवेशद्वार से लेकर संगम नोज तक पुलिस और सुरक्षा बल की टीमें सक्रिय हैं। इसके साथ ही संदिग्धों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सादे वेश में भी पुलिस की स्पेशल टीम मेला क्षेत्र में पहुंची है। स्नानार्थियों की सुरक्षित आस्था की डुबकी में किसी तरह का व्यवधान न पड़े, इसके लिए भी व्यापक इंतजाम हैं। जल पुलिस, एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें मोटर बोट से चक्रमण करते हुए मुस्तैद है। स्नानार्थियों को बीच बीच में डीप वाटर बैरिकेड्स को पार नहीं करने की अपील की जा रही है। मेला के पहले दिन ही भीड़ की वजह से कई लोग अपनों से बिछड़ गए। खोया पाया केंद्र से लगातार मेले में बिछड़े लोगों की लाउडस्पीकर से सूचना प्रसारित की जाती रही। मेला में शनिवार को दो संदिग्ध चूरन वाली नकली नोट को भंजाने के चक्कर में पकड़े गए। साधु के भेष वाले दोनों से मेला पुलिस पूछताछ में जुटी है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार पहले स्नान पर सुबह 11 बजे तक 14 लाख लोगों ने गंगा स्नान कर लिया था। अब तक कई प्रमुख संत महात्मा स्नान कर चुके हैं। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी अपने अनुयायियों के साथ मेला क्षेत्र में स्नान के लिए पहुंची हैं। तमाम श्रद्धालु यहां पहली बार स्नान के लिए आए हैं। संगम की धरती पर पुण्य कमाने आए लोगों को परेशान करने के लिए त्रिवेणी तट पर चोर उचक्के भी सक्रिय हैं। किसी का पर्स तो किसी की घड़ी तो किसी के कपड़े लेकर यह लोग फरार हो रहे हैं। त्रिवेणी तट पर मौजूद सिविल डिफेंस की टीम ने अब तक एक दर्जन से अधिक ऐसे चोरों को पकड़ा है। सभी को पुलिस को सौंपा गया है। इन लोगों के पास से सामान भी बरामद किया गया है। मेला क्षेत्र में पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। मुंबई महाराष्ट्र साइन नाथ तीर्थ क्षेत्र से 64 श्रद्धालुओं का जत्था भी संगम आ गया है। दल के साथ आए संजय देशमुख ने बताया कि महाकुंभ का बहुत प्रचार हुआ था। मीडिया में महाकुंभ ही छाया था। तभी से सभी की संगम स्नान की इच्छा थी। इस बार पहले ही स्नान पर्व पर आ गए हैं। क्या पता आगे भीड़ के कारण आने में परेशानी हो। उन्होंने बताया कि यहां आए हैं तो हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और पवित्र अक्षयवट के भी दर्शन करेंगे। सभी की शहीद स्थल जाकर माथा टेकने की भी इच्छा है। भीड़ में अपने लोगों को पहचानने के लिए सभी ने सफेद टोपी पहन रखी है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर माघ मेले की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि श्रीगङ्गादेव्यै नमः। कहा कि माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु तीर्थराज प्रयाग पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों एवं कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती सभी के मनोरथ पूर्ण करें, यही प्रार्थना है। माघ मास के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर शनिवार को संगम को रेती पर सकल पुण्य के निमित्त कल्पवास शुरू हो गया। लाखों कल्पवासियों में ब्रह्ममुहुर्त में स्नान-दान करके कल्पवास का संकल्प लिया। कल्पवासियों ने तीर्थपुरोहितों के सानिध्य में गंगा पूजन किया। विधिविधान से पूजन-अर्चन कर भगवान वेणी माधव से आशीष प्राप्त किया।शिविर के बाहर रोपे गए तुलसी के बिरवा और बोए गए जौ में जल अर्पित कर मां गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। कल्पवासी शिविर जप, तप, भजन-कीर्तन से गुलज़ार हो गए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात माघ मेले की तैयारी की ऑनलाइन समीक्षा की। सीएम ने अफसरों को निर्देश दिया कि वो सतत भ्रमणशील रहें। किसी भी श्रद्धालुओं को जरूरी मांग में लेकर समस्या नहीं आनी चाहिए। माघ मेले में व्यवस्थाओं को सुचारु करने व पर्यटन के दृष्टिगत नए प्रयोग करने के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि प्रत्येक कल्पवासी का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने मेला अधिकारी ऋषिराज को निर्देश दिया कि मेले की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण करें। उनसे कहा कि रोजाना की रिपोर्ट मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को दें। मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि विभागों के समन्वय में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने खाद्य सुरक्षा व आपूर्ति विभाग को स्वास्थ्य के दृष्टिगत लगातार काम करने के लिए कहा। पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि मेले के आयोजन के दौरान जिले व शहर का यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाएं।