राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी — कोडीन कफ सिरप मामले में कोतवाली और एसआईटी की संयुक्त पुलिस टीम शुभम जायसवाल से जुड़े मामले का इतिहास खंगालते हुए अबतक कई लोगों को हिरासत में ले चुकी है।इसी क्रम मे कोडीन कफ सिरप मामले में शुभम जायसवाल के तीन करीबियों को पुलिस टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार करने सफलता हासिल किया है। तीनों गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का नाम क्रमशः आकाश पाठक उर्फ लल्ली पुत्र प्रकाश चन्द्र पाठक निवासी सिद्धमाता लेन गोलघर मैदागिन थाना कोतवाली वाराणसी, दूसरे का विकास सिंह नरवे पुत्र नरसिंह निवासी ग्राम व पोस्ट नरवे थाना बरदह आजमगढ़ तथा तीसरे का नाम अंकित कुमार श्रीवास्तव पुत्र अखिलेश कुमार श्रीवास्तव निवासी मोहल्ला ख्वाजा दोस्त निकट रामचित्र मन्दिर सदर थाना कोतवाली जौनपुर जो देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में था सर्विलांस सेल व साइबर सेल से प्राप्त इनपुट व मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तों को मंगलवार को नेपाल बार्डर रोड सिद्धार्थनगर से कोतवाली थाना व एसआईटी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा नेपाल बार्डर रोड थाना गोहाना सिद्धार्थ नगर से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को बुधवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी. ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त आकाश पाठक ने बताया कि वर्ष 2022 मे फेंसिडील की प्रत्येक दिन की बिक्री अधिकतम 500 बोतल थी तभी मण्डी के प्रशान्त उपाध्याय शिल्पी फार्मा के प्रतीक गुजराती सिण्डिकेट फार्मा के मनोज यादव,लोकेश फार्मा के धर्मेन्द्र अग्रवाल,शुभम जायसवाल व उनके पिता भोला जायसवाल के साथ मिलकर इस सिरप का अवैध व्यापार में संलिप्त होकर बिहार बंगाल के रास्ते त्रिपुरा होते हुए बंगलादेश तस्करी करने लगे।मैं भी इन लोगों के साथ मिलकर न्यू फेंसिडील के साथ साथ ओनरेक्स स्टफ, कोडीन युक्त अब सिर्फ का व्यापार अधिक कमाने की नियत से करने लगा। अभियुक्त विकास सिंह ने बताया कि पैसा अधिक कमाने की नियत से 2022 में सप्त सागर में न्यू बृद्धि फार्मा एजेंसी खोला गया।जो भी माल वाराणसी के लिए सप्लाई होता था वह केवल पेपर में ही होता था।सारा हाल बिहार, बंगाल,त्रिपुरा के रास्ते बंगाल भेज दिया जाता था।साहब मेरे साथ काम करने वाले अंकित श्रीवास्तव और आकाश पाठक के साथ मैं सिद्धार्थ नगर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था कि अचानक अपलोगों द्वारा पकड़ लिया गया।आकाश पाठक और अंकित श्रीवास्तव दोनों पचास हजार के इनामिया अभियुक्त रहे। पुलिस टीम द्वारा तीनो अभियुक्तों को भा0द0वि0 की धारा 26 डी एनडीपीएस एक्ट व बढ़ोतरी धारा 61(2),318(4), 338,336(3), 340(2) बीएनएस के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली दयाशंकर सिंह, उ0नि0 विकास पाण्डेय, उ0नि0 मनीष सिंह एस आईटी, उ0नि0 अजीत मौर्य एसआईटी, उ0नि0 अमन सिंह एसआईटी,का0अखिलेश कुमार,का0 नीरज मौर्या,का0 सुमित शाही,का0 अश्वनी सिंह सर्विलांस,का0 विराट सिंह साइबर सेल आदि शामिल रहे।