वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट वाराणसी: वराणसी के विद्यापीठ चौकी का है जहाँ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को एंटीकरप्शन टीम ने रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया किन्तु फ़िल्मी स्क्रिप्ट जैसी दिखी इनकी कार्यवाही जहाँ आरक्षी बैरक से कूलर के बगल से एंटीकरप्शन टीम का कर्मचारी पैसे निकल रहा जिसे रिश्वत बताई गई अब बड़ी बात ये है की उक्त चौकी प्रभारी या मुंशी के पास से कोई पैसे की बरामदगी नहीं हुई दूसरी बात की उक्त बैरक आरक्षी बैरक है जहाँ बरामदगी दिखाई जा रही वह किसी अन्य पुलिस कर्मी का बिस्तर है तीसरी और अहम् बात की एंटीकरप्शन टीम सीधा वहां कैसे पहुंच गई उन्हें कैसे पता चला की पैसे यहाँ रखे हैं आज कल इस विंग को बराबर कार्यवाही करते देखा गया किन्तु आज जिस तरह ये कार्यवाही हुई वो बिलकुल फ़िल्मी पटकथा और निर्देशन जैसी दिखाई दे रही स्पष्ट है की वाराणसी पुलिस की यह शाखा किस दबाव में ऐसा कर रही है जहाँ बिना रंगे हाथ बरामदगी के एंटीकरप्शन टीम एक चौकी प्रभारी को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर के अपनी शाख ऊंची कर रही या अपने आला अधिकारी को खुश करने की नाकाम कोशिश अगर सब सही था तो मौके पर मौजूद पत्रकार साथी से बहस बदतमीज़ी करना और खास कर कैमरा बंद क्यों कराया गया क्या ये किसी साज़िश के तहत किया गया या किसी दबाव में बहरहाल अब आला अधिकारी तय करेंगे की असली गुनहगार कौन है चौकी प्रभारी या एंटीकरप्शन टीम वाराणसी