सुकन्या सिंह की रिपोर्ट वाराणसी वाराणसी : संत रविदास मंदिर पहुंचे चंद्रशेखर रावण, कहा-देश में जल्द आएगा बेगमपुरा राज सीरगोवर्धनपुर पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण, समर्थकों की जुटी भीड़ संत के मंदिर में टेका मत्था, मीडिया से साझा किया समाज का दर्द वाराणसी।। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पास सीर गोवर्धन स्थित संत शिरोमणि रविदास मंदिर में रविवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने गुरू रविदास मंदिर में मत्था टेका और लंगर का प्रसाद भी ग्रहण किया। रविदासियों से मुलाकात की। हालांकि इस दौरान वह राजनीतिक बयानबाजी भी की और समाज की उपेक्षा का मामला उठाया। कहाकि हमारे समाज को हासिए पर धकेला जा रहा है। वह दिन दूर नही जब पूरे देश में बेगमपुरा राज आएगा।नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण के पहुंचते ही समर्थकों की भीड़ जुट गई। वैसे ही संत की जयंती पर दर्शन के लिए देशभर से श्रद्वालु पहुंचे हुए हैं। इसलिए भीड़ का रेला ज्यादा ही बढ़ गया था। उन्होंने संत रविदास को नमन किया और दर्शन-पूजन के बाद लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि संत का जयंती मनाने का यह महत्वपूर्ण दिन है। हर साल हमारे लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। प्रकाश पर्व पर संत के भक्त यहां पहुंचे और उनका आशीर्वाद लें। उन्होंने कहाकि संत रविदास का सपना पूरा करना जरूरी है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक सब लोगों में खुशी हो। गरीबी, बेबसी, लाचारी, बीमारी, अशिक्षा आदि समस्याओं का अपना इतिहास रहा है और यह खत्म नहीं होंगी। सरकार हमारे रेजिमेंट को जिस दिन बहाल करेगी कोई आंख उठाकर भी हमें नहीं देख पाएगा।
बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे समाज का देश की आजादी और सुरक्षा में ऐतिहासिक योगदान रहा है। लेकिन उसी समाज को हाशिए पर धकेला जा रहा है। सरकार को ब्रिटिश काल में गठित हमारे रेजीमेंट को तत्काल बहाल करना चाहिए। हमारा रेजीमेंट किसी एक समाज की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और इतिहास से जुड़े अधिकार का सवाल है। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें दलितों के नाम पर राजनीति तो करती हैं, लेकिन अधिकार देने के समय पीछे हट जाती हैं। अगर सरकार सच में सामाजिक न्याय की पक्षधर है तो उसे हमारे समाज के साथ न्याय करना होगा। संत रविदास ने समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था। लेकिन आज उसी विचारधारा को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी पार्टी दलित, पिछड़े और वंचित समाज की आवाज सड़क से संसद तक उठाती रहेगी। उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कहा कि हक की लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से लड़ी जाएगी।