वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — मेरा युवा भारत के तत्वाधान में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के सहयोग से सात दिवसीय जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का बुधवार को समापन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन लोहता स्थित शगुन पैलेस भट्ठी के पास आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी हरि प्रकाशानन्द व विशिष्ट अतिथि के रूप में मेरा युवा भारत गाजीपुर के उपनिदेशक कपिल देव राम उपस्थित रहे।युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने अतिथियों को अंगस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।12 से 18 फरवरी तक चले इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए जनजातीय युवाओं को वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराया गया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने घाटों, मंदिरों आदि का दर्शन कर भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा लगाव महसूस किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।इस मौके पर मुख्य अतिथि स्वामी हरि प्रकाशानन्द ने युवाओं को संयम, संस्कार और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि कपिल देव राम (उपनिदेशक मेरा युवा भारत गाजीपुर) ने कहा कि युवा राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। राम गोपाल सिंह चौहान (जिला युवा अधिकारी संत रविदास नगर भदोही)ने लक्ष्य निर्धारण और अनुशासन पर बल दिया।इस कार्यक्रम का संचालन सृजन चतुर्वेदी ने तथा संयोजन और धन्यवाद ज्ञापित जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि द्वारा विजेताओं को प्रमाण पत्र, पुरस्कार राशि और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह के अनुसार यह कार्यक्रम जनजाति युवाओं के व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्व पूर्ण पहल साबित हुआ।