आदर्श श्रीवास्तव की रिपोर्ट
वाराणसी। जनपद के वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टी ग्राम में 19 फरवरी 2026 की देर रात हुई युवक की आत्महत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में पारिवारिक विवाद की आशंका भी सामने आ रही है, जिसे लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फरवरी की रात लगभग 23:00 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि ग्राम भट्टी में एक व्यक्ति ने अपने कमरे का शटर अंदर से बंद कर लिया है और काफी देर से दरवाजा नहीं खोल रहा है। सूचना मिलते ही थाना लोहता पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक ऋतुराज मिश्रा एवं अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने कमरे का बंद शटर खुलवाया। दरवाजा खुलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। युवक छत के पंखे से मफलर का फंदा बनाकर लटका हुआ था। आनन-फानन में परिजनों ने फंदा काटकर नीचे उतारा और इलाज के लिए साइ अस्पताल, केराकतपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान योगेंद्र प्रताप पटेल पुत्र राजेंद्र पटेल, उम्र लगभग 36 वर्ष, निवासी भट्टी थाना लोहता के रूप में हुई है। पुलिस ने अस्पताल से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम रही और किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं हुई।
परिजनों और ग्रामीणों से हुई प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक का अपनी पत्नी सीमा पटेल के साथ कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पारिवारिक मतभेद किस स्तर तक थे और घटना से पहले क्या परिस्थितियां बनीं, इसकी जांच की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ दिनों से घर में कहासुनी की बातें सुनने को मिल रही थीं। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि मामला सामान्य वैवाहिक विवाद का था या कोई गंभीर तनाव की स्थिति थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने मृतक की पत्नी सीमा पटेल और अन्य परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना लोहता पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित कर लिए गए हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पारिवारिक विवाद की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक अपने पीछे पत्नी और परिवार को छोड़ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार का तनाव या विवाद था तो उसे आपसी बातचीत या सामाजिक हस्तक्षेप से सुलझाया जा सकता था।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक मतभेद और मानसिक तनाव को समय रहते संभालना कितना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक या पारिवारिक विवाद की स्थिति में संवाद, परामर्श और सामाजिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू पर निष्पक्षता से कार्रवाई की जाएगी।