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ईद का त्यौहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक लौट आई है, जिससे बाजार गुलजार हो गए

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सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। ईद का त्यौहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक लौट आई है, जिससे बाजार गुलजार हो गए हैं। रमजान माह का पखवाड़ा बीतने को नजदीक आने लगी है। रोजेदार शाम ढलते ही इफ्तार के बाद कपड़ों, सेवई, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए घरों से निकल रहे हैं। दुकानदार भी इस उत्साहपूर्ण माहौल का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। और बाजारों में चहल-पहल देर रात तक बनी रहती है। पुरानी सट्टी महाल बाजार में ईद की खरीदारी के लिए सेवइयां और अन्य सामग्री खरीद के लिए उमड़ी भीड़ को दर्शाता है।

बाजारों में रौनक और खरीदारी के मुस्लिम लोग अपने मनपसंद नए कपड़ों और पारंपरिक परिधानों की खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही ईद के विशेष व्यंजन, जैसे कि सेंवई और खजूर, के लिए दुकानों पर भीड़ लग रही है। यही नहीं लोग उपहार और घरों की सजावट का सामान भी खरीद रहे हैं। पुरानी सट्टी बाजार, स्टेशन बाजार में शाम ढलते ही चहल-पहल बढ़ जाती है। और देर रात तक खरीदारी चलती है। हर तरफ खुशी और उत्साह का माहौल देखी जा सकती है। क्योंकि लोग इस पवित्र त्यौहार की तैयारियों में मुस्लिम बंधु लगे हुए हैं। यह खरीदारी का सिलसिला ईद के दिन तक जारी रहने की उम्मीद है। माह ए रमजान धीरे धीरे समाप्ति की ओर बढ़ते देख सभी मस्जिद कमेटी मस्जिदों की साफ सफाई झालर बत्तियों से सजावट करने में लगे हुए है। शाही जामा मस्जिद के इमाम हाफिज तौहीद रजा, सेकेट्री तनवीर रजा, नूरी मस्जिद लोदीपुर के इमाम हाफिज कारी असरफ करीम कादरी ने बताया कि माह ए रमजान के पवित्र महीने के आखिरी जुमे (अलविदा जुमा) पर मस्जिदों में विशेष रौनक होती कार्य किए जा रहे है। मस्जिदों को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों, फूलों और इत्र से भव्य तरीके से सजाने के लिए मुस्लिम युवक लगे हुए है। और इस दिन सामूहिक नमाज के लिए खास इंतज़ाम होते हैं। कालीन बिछाए जाते हैं। और परिसर की विशेष साफ सफाई की जाती है। अलविदा नमाज के लिए मस्जिदों की विशेष सजावट रोशनी की व्यवस्था की जाती है। मस्जिद के गुंबदों मीनारों और आसपास के रास्तों को आकर्षक लाइटों से रोशन किया जाता है। उन्होंने ने बताया कि नमाजियों की भारी भीड़ को देखते हुए। मस्जिदों में विशेष सफाई के साथ कालीन बिछाए जाते हैं। ताकि सब आराम से इबादत कर सकें। इस दिन मस्जिद परिसर को इत्र और अगरबत्ती की खुशबू से सुगंधित किया जाता है। और फूलों से मस्जिद के प्रवेश द्वार और मुख्य इबादत(प्रार्थना) कक्ष को सजाया जाता है। बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज के लिए आते हैं। इसलिए मस्जिदों के बाहर भी नमाज के लिए इंतजाम किए जाते हैं। यह दिन विशेष इबादत, कुरान की तिलावत और दुआओं का दिन है, जिसे लोग बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं।

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