वाराणसी वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट –उदय प्रताप महाविद्यालय में गुरुवार को भिनगा नरेश राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव की 176 वीं जयंती बडे़ ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के साथ साथ उदय प्रताप शिक्षा समिति के सचिव प्रोफेसर यूएस सिन्हा, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह, इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर रमेश प्रताप सिंह तथा उदय प्रताप कालेज के कैम्पस कोआर्डिनेटर डा.मनोज सिंह मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के द्वारा राजर्षि उदय प्रताप सिंह के मूर्ति पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया। तत्पश्चात स्वागत गीत व कुल गीत की प्रस्तुति की गयी।इस मौके पर मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वाधीनता संघर्ष के दौरान पूरे देश में महात्मा गांधी, पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे जिन मनीषियों ने शिक्षा, ज्ञान और स्वाधीनता की ज्योत जलाई थी। उनमें राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव का नाम विशेष आदर से लिया जाता है।उदय प्रताप कॉलेज की विरासत लगभग 125 वर्षों की है, जिसमें इसने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ख्याति अर्जित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजर्षि एक भविष्यदृष्टा भी थे। खुशी की बात है कि उनके सपनों को पूरा करने में आज इस कॉलेज के प्राचीन छात्र, प्रबंध समिति और संपूर्ण कॉलेज प्रशासन लगा हुआ है। इतना होते हुए भी इस कालेज के समक्ष एक बड़ी चुनौती इसकी महान विरासत की शाश्वतता को सुनिश्चित करना है। यही राजर्षि के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के पूर्व प्राचार्य प्रो.यूएस सिनहा ने कहा कि यह कॉलेज मेरी मां की तरह से है। मैंने इस कॉलेज से शक्ति और संघर्ष करने की क्षमता अर्जित की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई करते समय हम अपने साथियों के साथ गर्व से कहते थे कि आई एम क्षत्रिया। उन्होंने इस विद्यालय के विकास हेतु साल भर के अंदर 500 व्यक्तियों की क्षमता वाला एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम बनाने के साथ साथ एक दुर्घटना फण्ड भी तैयार करने की घोषणा किया। हिन्दी विभाग बीएचयू के प्रोफेसर व कैम्पस कोआर्डिनेटर प्रो.मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान का ठीक-ठाक मूल्यांकन करके ही हम राजर्षि के मूल्य की रक्षा और विकास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के विकास में प्राचीन छात्रों का अमूल्य योगदान रहा है। इस समारोह में आए हुए अतिथियों का स्वागत उदय प्रताप कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया उन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि पूज्य राजर्षि उदय प्रताप सिंह जूदेव का लक्ष्य परंपरा और आधुनिकता में समन्वय स्थापित करना था। उन्होंने राजर्षि के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि आज संस्था की सभी इकाइयां उनके सपनों को साकार करने में लगी हुई है। उदय प्रताप कॉलेज पिछले 6 माह से पूरे प्रदेश में प्रमाण पोर्टल पर प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है। लगभग 25 विद्यार्थियों ने नेट क्वालीफाई किया है और ढाई सौ विद्यार्थी शोध कार्य में लगे हुए हैं। इस कार्यक्रम में छात्र व छात्राओं ने राजर्षि जी की जीवन गाथा को विस्तार से बताया।इस कार्यक्रम में प्राचीन छात्र अरविन्द कुमार सिंह ने राजर्षि जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार विस्तार से व्यक्त किया। समारोह में आए हुए अतिथियों का डॉक्टर रमेश प्रताप सिंह ने आभार प्रकट किया तथा संचालन शरद श्रीवास्तव ने किया। इस जयन्ती समारोह में उदय प्रताप पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने कजली और चैती गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजर्षि जयंती के इस अवसर पर रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन तथा उदय प्रताप कॉलेज के महिला छात्रावास के बी ब्लॉक का लोकार्पण उदय प्रताप शिक्षा समिति के सचिव प्रोफेसर यूएस सिंह के द्वारा किया गया।साथ ही इंटरमीडिएट भवन के जिर्णोद्धार का कार्य भी पूर्ण हुआ। इस समारोह में पूर्व एमएलसी चेत नारायण सिंह, डॉक्टर मूलचंद सिंह, प्रोफेसर एसके सिंह, डॉक्टर दुर्ग विजय सिंह,चारूचन्द्र राम त्रिपाठी, राम ललित सिंह, डॉक्टर योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रोफेसर मनीष कुमार सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह, डॉक्टर राम सुधार सिंह, प्रोफेसर चंद्र प्रकाश सिंह, प्रोफेसर एनपी सिंह, प्रोफेसर सुधीर कुमार राय, प्रोफेसर सुधीर कुमार शाही, प्रोफेसर शशिकांत द्विवेदी, प्रोफेसर गोरखनाथ, डॉक्टर डीडी सिंह, प्रो.डीके सिंह, डॉक्टर अनीता सिंह, प्रोफेसर अमन कुमार गुप्ता, संगीता कुमार, ज्ञान प्रभा सिंह, प्रोफेसर पंकज कुमार सिंह,प्रोफेसर अनिल सिंह, प्रोफेसर मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉ प्रदीप कुमार सिंह, प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह, सौरभ कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में अध्यापक छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।