वाराणसी वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट– यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस के आह्वान पर समस्त बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा भेदभावपूर्ण पीएल आई नीति के विरुद्ध शुक्रवार को स्टेट बैंक मुख्य शाखा के मुख्य द्वार पर पूर्ण हड़ताल पर रहे। इस अवसर पर विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने बड़ी संख्या में हड़ताल में सहभागिता कर अपनी एकजुटता और संघर्ष के प्रति दृढ़संकल्प का प्रदर्शन किया। वाराणसी एसबीआई मुख्य शाखा सहित विभिन्न बैंक शाखाओं एवं आंचलिक कार्यालय में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बैंक कर्मियों ने सरकार की हठधर्मिता और असंवेदन शीलता, विभाजनकारी, अन्यायपूर्ण एवं भेदभावपूर्ण नीतियों के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करते हुए पांच-दिवसीय बैंकिंग एवं न्यायपूर्ण पीएलआई व्यवस्था की मांग को जोरदार ढंग से उठाया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उप महामंत्री कामरेड मनोज सिंह,यूएफबीयू के सह संयोजक संजय शर्मा, अरुण कुमार, अमरेंद्र कुमार, पंकज कुमार, पंकज राय, अभय मिश्रा, रघुवर तिवारी, वीरेंद्र कुमार सिंह, अश्विनी सिंह, रजनीलता, उपासना सोनी, शिल्पी अग्रवाल सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी गण तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारीगण शामिल रहे। हड़ताल स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सीमित स्टाफ और बढ़ते कार्यभार के बावजूद बैंक कर्मी ग्राहक सेवा, डिजिटल बैंकिंग व्यवसाय वृद्धि, अनुपालन एवं अन्य दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी उनके न्यायोचित एवं लंबे समय से लंबित मांगों की अपेक्षा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वाराणसी अंचल के साथ-साथ अन्य जिलों में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी गण हड़ताल में शामिल रहे। संगठन के पदाधिकारी के नेतृत्व में सभी जिलों में बैंक कर्मियों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओ ने कहा कि साथियों की शानदार, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बैंक कर्मचारी अपने अधिकारों, सम्मान, समानता एवं न्याय के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण नीति को स्वीकार नहीं करेंगे