दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी। नगवा स्थित करतालिया बाबा आश्रम के पूर्व महंत एवं वैष्णव संत समाज के प्रतिष्ठित संत महंत कौशल किशोर दास जी का बुधवार की प्रातः करीब चार बजे परम पद गमन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही संत समाज और भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से आध्यात्मिक एवं धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय रहे महंत कौशल किशोर दास जी के निधन को संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया।उनका अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर करीब दो बजे वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर संत समाज की उपस्थिति में धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। संत परंपरा के अनुसार उन्हें जल समाधि दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में संत-महात्मा, साधु-संत, आश्रम से जुड़े अनुयायी और भक्त मौजूद रहे। वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और शोक से भरा रहा।महंत कौशल किशोर दास जी वैष्णव संत समाज में महत्वपूर्ण स्थान रखते थे। वे वैष्णव विरक्त संत समाज के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में उनका योगदान लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा। उनके निधन से काशी के संत समाज में गहरा शोक व्याप्त है।अंत्येष्टि संस्कार में अयोध्या करतालिया आश्रम के महंत रामदास जी, महाराज जी के उत्तराधिकारी महंत हरिशंकर दास जी, महंत महावीर दास जी, मदन दास जी, महान संत दास जी, गोविंद दास जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। काशी संत समाज के सचिव महंत डॉ. श्रवण दास जी, कोतवाल मोहन दास जी, भगवान वेदांताचार्य, विजय दास जी समेत संत समाज के अन्य गणमान्य लोगों ने भी अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर भक्त समुदाय भी बड़ी संख्या में हरिश्चंद्र घाट पहुंचा। श्रद्धालुओं ने अपने प्रिय संत को अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। संतों ने कहा कि महंत कौशल किशोर दास जी ने अपना जीवन धर्म, अध्यात्म और संत परंपरा की सेवा में समर्पित किया। उनका सरल जीवन, धार्मिक आस्था और संत समाज के प्रति समर्पण सदैव याद किया जाएगा।
महंत के निधन से नगवा स्थित करतालिया बाबा आश्रम सहित अयोध्या और काशी के संत समाज में शोक का माहौल है। संतों और भक्तों ने उनके निधन को आध्यात्मिक जगत की बड़ी क्षति बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।