दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी। शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर शनिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकांत सिंह ने कहा कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो सामाजिक बंधनों को तोड़कर भी परिवर्तन लाया जा सकता है। महात्मा ज्योतिबा फुले उस समय समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिगत भेदभाव और अशिक्षा के विरुद्ध आवाज उठाई, जब ऐसा करना अत्यंत साहस का कार्य था। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व हम सभी के लिए अनुकरणीय है। विषय प्रवर्तन डॉ. ध्यानेंद्र कुमार मिश्र, संचालन डॉ. राजेंद्र यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन अजीत कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. वीणा वादिनि अर्याल, डॉ. रमेश प्रजापति, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. ज्योत्सना राय, डॉ. पवन कुमार सिंह, शिखा राय, सुनिधि, पूजा, नंदिनी, प्रियंका, रितेश आदि उपस्थित रहे।