रिपोर्ट सलीम मंसूरी
जमानियां। गंगा दशहरा पर पक्का बलुआ घाट पर सैकड़ों महिलाओं और श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।भोर से ही भक्तों ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ मां गंगा नदी में स्नान कर दान-पुण्य किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बताया जाता है। कि गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जमानियां पक्का बलुआ घाट गंगा नदी में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को।मिली। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। इस दौरान भक्तों में भारी उत्साह रहा। नगर कस्बा बाजार में लंबी दूरी तक ऑटो खड़ा रहे। वही फल विक्रेता अपनी अपनी ठेला पर दुकानें लगाए रहे। पक्का बलुआ घाट गंगा नदी में सैकड़ों की संख्या में आस्थावानों ने स्नान किया। इसके साथ ही ज़रूरतमंदों को दान दिया। वही कोतवाली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। ताकि किसी भी अनहोनी को टालने के लिए घाट पर मुस्तैदी के साथ खड़े रहे। गंगा दशहरा पर मंगलवार को सैकड़ों आस्थावानों ने पक्का बलुआ गंगा घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान घाट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। वहीं भिखारियों को दान देकर पुण्य कमाया। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा घाट पर पुलिस कर्मी तैनात रही। बताया जा रहा है। कि गंगा दशहरा पर स्नान व दान का विशेष महत्व है। मंगलवार की भोर से ही पक्का बलुआ गंगा घाट पर श्रद्धालु तीन पहिया वाहनों के माध्यम से जुटने लगे। सैकड़ों की संख्या में आस्थावानों ने मां गंगा की अविरल धारा में डुबकी लगाई। वहीं विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि और महामारी से निजात दिलाने की कामना की। लोगों ने भिखारियों को यथा शक्ति दान भी दिया। ब्राह्मण पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन सूर्योदय से पहले स्नान-दान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। वहीं ईश्वरीय कृपा का फल मिलता है। इसलिए लोगों में पहले से ही जिज्ञासा थी। कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ गंगा घाट पर लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। हालांकि घाट पर कोतवाली पुलिस द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गंगा दशहरा पर इस बार हर साल की तरह काफी भीड़ रही। गंगा तट पर हजारों का रेला उमड़ता था। भोर से शुरू हुए स्नान का सिलसिला देर शाम तक चलता था।