काशी दीप विजन रवि शंकर राय की रिपोर्ट चितईपुर थाना के नाक पर फल फूल रहा नशा मुक्ति का रोजगार वाराणसी: चितईपुर थाना क्षेत्र के चितईपुर मालियान बस्ती मंदिर के पास जनरल स्टोर के दुकान में हो रहा गाजा का खेला चितईपुर थाना क्षेत्र में नशे का साम्राज्य, नशामुक्ति के नारों के बीच गांजा सिंडिकेट का बेखौफ राज *प्रशासन पर उठा सवाल पुलिस कर रही अनदेखी क्यों*
आपको बता दे चितईपुर पंचकोशी मार्ग अंग्रेजी देसी शराब गाजा के लिए रोड पर मेला लगा रहता है सम्मानित महिलाएं पुरुष उस रास्ते से जाने को मजबूर हो जाती है अगर किसी ने विरोध किया तो दुकानदार कहता है महीना बधा हुआ है खुलेआम चितईपुर रोड किनारे गांजा बिक्री- बना चर्चा का विषय, वाराणसी पुलिस के लिए नशा – अपराध नहीं, नियमित कारोबार, सफेद पोस नामक व्यक्ति है गांजा विक्रेताओं का सरदार, काले कारोबार से अपनी तिजोरी भर रहा है जनरल स्टोर की दुकान की आड़ में गांजा बेचा जाता है ताकि किसी को संदेह न हो, स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों तक को गांजा उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे युवाओं में नशे की लत तेजी से फैल रही है सूत्रों की माने तो इस पूरे व्यापार व नेटवर्क का संचालन सफेद पोस नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है, (गांजा बिक्री)नशे के व्यापार का संचालन करता है, विभाग को मैनेज करते है विभाग का पूर्ण रूप से संरक्षण प्राप्त है आपसी लाभ के चलते कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की जाती है जबकि जमीनी स्तर पर कारोबार पहले की तरह जारी रहता है कई बार पुलिस द्वारा औपचारिक कार्यवाही दिखाई जाती है लेकिन कुछ समय बाद वही गतिविधि दोबारा शुरू हो जाती है, वाराणसी कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे है लेकिन इस अवैध व्यापार पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है आने वाली पीढ़ी भी नशे की गिरफ्त में फसती चली आ रही है जिसका सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव भी बेहद गंभीर होता चला जा रहा है।।फिरहाल चितईपुर थाना क्षेत्र के चितईपुर इलाके मे गांजा बिक्री के आरोपों ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, अब देखना है प्रशासन किस स्तर पर उतरेंगी अगर प्रशासन महोदय खुद अपने स्तर से क्षेत्र में एक बार देखने का प्रयास करे माल सहित घटना की जानकारी मिल जाएगी प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या युवाओं को नशे की दलदल से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते है क्या वाराणसी पुलिस इस नशे के के नेटवर्क को अपराध मानेगी या फिर हर बार की तरह इसे भी अवसर समझकर नजर अंदाज कर दिया जायेगा काशी नगरी अब श्रद्धा से ज्यादा सिस्टम की चुप्पी से बनने लगी है, और इस चुप्पी की कीमत आम नागरिक चुका रहा है भरोसा बढ़ रहा है सरकार की आमदनी पर आपको बता दें कि चितईपुर आदि क्षेत्रों में कई ऐसे व्यापार फल फूल रहे हैं क्यों फल फूल रहे हैं प्रशासन की मिली भगत से नमक रोटी नहीं मलाई कट रही है अब देखना है कि लोग नमक रोटी खाते हैं या मलाई( आप फुटेज में सच्चाई देख रहे हैं