दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
*वाराणसी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अचानक जिला जज की कुर्सी पर जा बैठी और खुद को जज घोषित कर दिया। महिला ने टेबल पर रखा हैमर (हथौड़ा) उठाकर जोर-जोर से पटकना शुरू कर दिया और अदालत की कार्यवाही चलाने की शैली में *”ऑर्डर-ऑर्डर”* चिल्लाने लगी।
जानकारी के अनुसार, शिवपुर निवासी वंदना गुप्ता (50) सुबह कोर्ट खुलने के बाद जिला जज के कोर्ट रूम में पहुंची। पहले उसने कर्मचारियों से जज के आने का समय पूछा और फिर सीधे डायस पर चढ़कर जिला जज की मुख्य कुर्सी पर बैठ गई। इसके बाद उसने कोर्ट में रखी फाइलें पलटना शुरू कर दीं और कहा, *”आज मैं जिला जज हूं, गवाह और सबूत पेश करिए, सारे मामलों की सुनवाई मैं करूंगी।”*
महिला की हरकत देखकर कोर्ट रूम में मौजूद वकील और कर्मचारी हैरान रह गए। जब कुछ अधिवक्ताओं ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो महिला भड़क गई और पास आने वालों को धमकियां देने लगी। काफी समझाने के बावजूद वह कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हुई।
हंगामा बढ़ने पर महिला पुलिस को बुलाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला को कुर्सी से उतारकर हिरासत में लिया गया और कैंट थाने ले जाया गया। संयोगवश जिस समय यह घटना हुई, उस दिन जिला जज अवकाश पर थे।
घटना की सूचना मिलते ही *अपर जिला जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह* मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित सुरक्षाकर्मियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। साथ ही आदेश दिया गया कि संबंधित महिला को दोबारा न्यायालय परिसर में प्रवेश न करने दिया जाए।
वकीलों के अनुसार, महिला का न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं है और वह पहले भी कई बार इसी तरह जज की कुर्सी पर बैठकर हंगामा कर चुकी है। फिलहाल पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है। उसके इस व्यवहार के पीछे की वजह और मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच की जा रही है
इस अनोखी घटना के बाद वाराणसी जिला न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।