सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
ज़मानियां। लगातार भीषण गर्म एवं चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़क पर सन्नाटा पसर जाता है। और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सोमवार को भी भीषण गर्मी चिलचिलाती धूप का प्रकोप बढ़ने के कारण तापमान और उमस लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। मौसम के अनुसार, साफ आसमान और तेज गर्म हवाओं (लू) के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी का यह आलम सिर्फ ज़मानिया तक ही सीमित नहीं है। बल्कि कई इलाकों के साथ अन्य हिस्सों में भी तापमान \(44^ का आंकड़ा पार कर चुका है। कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक केंद्र प्रभारी डॉ रुद्रकांत सिंह ने
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए सलाह दी है। कि पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, खुद को हाइड्रेटेड रखें, और दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। चिलचिलाती धूप तपती गर्मी में डाक्टर रुद्रकांत सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी के साथ दिशा निर्देश दी हैं। जैसे हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी न होने दें) हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास (लगभग 3 लीटर) पानी जरूर पिए। केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि नीबू पानी, नारियल पानी, छाछ (मट्ठा), और लस्सी का नियमित सेवन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बाहर निकलते समय अपने पास हमेशा पानी की एक बोतल रखना चाहिए। धूप और लू से बचाव के सबसे गर्म समय (दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे) तक घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो।तो धूप का चश्मा लगाएं। और अपने सिर को टोपी, छाते या सूती गमछे से अच्छी तरह ढककर कर ही निकले। उन्होंने बताया कि चिलचिलाती धूप और लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। पारंपरिक पेय का सहारा लेंना चाहिए। लू से बचने के लिए सत्तू, नींबू-पानी, बेल का शरबत या छाछ का सेवन जरूर करना चाहिए। पक्षियों के लिए छत या आंगन में पानी का बर्तन ज़रूर रखें। सिंह ने स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां दी है। लगातार भीषण गर्मी और लू के संपर्क में रहने से हीटस्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकान जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष रूप से धूप और उमस से बचाने की आवश्यकता है।