दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करेगा : दर्शना सिंह, राज्य सभा सदस्य
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार हेतु निकाली गई पदयात्रा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ, महिला यौन उत्पीड़न प्रतिषेध समिति और महिला अध्ययन केंद्र द्वारा बुधवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के प्रचार अभियान के अन्तर्गत ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित पंत प्रशासनिक भवन के सामने आजाद चौराहे से गेट नं-02 से होते हुए ऐतिहासिक स्मारक भारत माता मन्दिर तक गई। इस मौके पर काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना है। प्रो. त्यागी ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्य अतिथि राज्य सभा सदस्य दर्शना सिंह ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करेगा। इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी भागीदारी में वृद्धि होगी और उनकी आवाज को उचित मंच मिलेगा।
विशिष्ट अतिथि वाराणसी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने इस पहल को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे नारी सम्मान और समानता के संदेश को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। नीलू मिश्रा, स्वीप एम्बेस्डर, निर्वाचन आयोग, वाराणसी ने कहा कि जब तक महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल नहीं होंगी, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इस अवसर पर काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण सहित लगभग 2000 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।