प्रेम कुमार की रिपोर्ट वाराणसी-पहचान रहे हैं..यह वही लड़का है जो गुजरात बीजे वाराणसी पी और मोदी जी की नाक में कभी दम कर रखा थ। इसके समर्थकों की खूब भीड़ थी नाम है हार्दिक पटेल । राजनीतिक सँघर्ष कर रहे एक हमारे मित्र भी इसके समर्थक हुआ करते थें। इस लड़के के बढ़ते कद को कतरने के लिए बीजेपी वालों ने काफी कुछ दुष्प्रचार में खर्च किया साजिश की मगर यह बीजेपी के लिये नासूर बना रहा। फिर इसपर राजद्रोह का केस ठोंकवा दिया गया। मगर कहावत है न कि इस दुनियां में सब बिकाऊ है बस उसकी मुहमांगी कीमत अदा होनी चाहिए। और वही हुआ औऱ इनका अचानक से हृदय परिवर्तन हुआ औऱ उसी बीजेपी में चले गयें जिसको यह रातदिन कोसते थें। फिर उसी बीजेपी से विधायक बन गयें। अब राजद्रोह भी खत्म कर दिया गया। एक बात जान लीजिए बीजेपी “मोदीत्वकाल” में अपने विरोधियों को पहले डरवाती है फिर उसके लिए पोटली लेकर दरवाजा खोलकर बैठ जाती है। आओ क्या लोगे पद,कद,पैसा या जो भी लो मगर मेरे विरोध में मुँह बन्द रखो। इसके पूर्व कपिल मिश्रा ने मोदी जी शाह के खिलाफ मुँह खोला था आज वो बीजेपी में है। मोदी जी को 24/7 सोशल मीडिया पर कोसने और गरियाने वाले पत्रकार दिलीप सी मंडल मोदी जी के तारीफ़ में कसीदे पढ़ रहे हैं, उनको सबसे बेहतर और विपक्ष को भला बुरा कह रहे हैं।
तो एक बात तो है राजनीति में विपक्षी नेताओं को मोदी जी से लड़ने के लिए मोदी की तरह ही सोचना होगा। मीडिया मैनेजमेंट करना होगा।मीडिया ने ही मोदी जी का आभामंडल तैयार किया आज भी करती आ रही है। किसी भी दल या नेता को तुनकमिजाजी और किसी को नकारने उससे नाराज होने से राजगद्दी नही मिलने वाली है। जो अपने विरोधियों को भी साम, दाम से अपना बना ले वही राजनीति का मंजा खिलाड़ी है,बाकी तो अनाड़ीयों से राजनीति भरी ही पड़ी है।