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भवानी जिनकी पत्नी हैं , जो पापोंका हरण करनेवाले है,जिनके हाथ में त्रिशूल है

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काशी दीप विजन………… 🙏🚩🙏

*🙏🌿जय श्री काशी विश्वनाथे 🌿🙏*

*🙏🌷ॐ नमः शिवाय 🌷🙏

भवानीकलत्रं हरं शूलपाणिंश                                     रण्यं शिवं सर्पहारं गिरीशम् ।

अज्ञानान्तकं भक्तविज्ञानदं तं

भजेअहं मनोअभीष्टदं विश्वनाथम् ।।

भावार्थ:—

भवानी जिनकी पत्नी हैं , जो पापोंका हरण करनेवाले है,जिनके हाथ में त्रिशूल ह, जो शरणागतकी रक्षा करने में प्रवीण है , कल्याणकारी है, सर्प जिनका हार है,जो गिरीश (कैलासगिरि के स्वामी )है, जो अज्ञानको नष्ट करनेवाले तथा भक्तोंको ज्ञान-विज्ञानसे समृद्ध बनानेवाले है,ऐसे उन मनोवाँच्छित फल प्रदान करनेवाले विश्व के स्वामी भगवान् श्री काशी विश्वनाथ जी का में भजन करती हूँ

☘️॥ हर हर महादेव ॥ ☘️

श्री काशी विश्वनाथ धाम, ज्ञानवापी, वाराणसी

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