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मदर्स डे 10 मई को मनाए जाने का खास महत्व। रेशमा बानो

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सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

 जमानियां। मदर्स डे हर साल 10 मई रविवार को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत अमेरिका की एना जार्विस ने अपनी मां के सम्मान में की थी। 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी। जिसके बाद यह दुनिया के कई देशों में मनाया जाने लगा। बताया जाता है। कि मदर्स डे को लेकर बाजारों तक में मदर्स डे की रौनक दिखने कि मिलने लगी है। मदर्स डे साल में दो बार मनाया जाता है। परिवार के किसी भी सदस्यों पर अपना प्यार दुलार बरसाने वाली रेशमा बानो ने विस्तार से बताया कि मां का प्यार, त्याग और समर्पण हर व्यक्ति के जीवन में अनमोल होता है। यही वजह है। कि दुनिया भर में मां के सम्मान में मदर्स डे यानी मातृत्व दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत एक बेटी ने अपनी मां को सम्मान देने के लिए की थी। जो बाद में पूरी दुनिया में एक खास अवसर बन गया। उन्होंने बताया कि मदर्स डे सिर्फ गिफ्ट देने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह मां के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने का मौका बन चुका है। इस दिन लोग अपनी मां के साथ समय बिताते हैं। उन्हें खास महसूस कराते हैं। और उनके योगदान के लिए धन्यवाद कहते हैं। रेशमा बानो ने बताया कि हर साल मई के दूसरे रविवार को यह खास दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं। कि आखिर इस दिन की शुरुआत कैसे हुई और इसे मई के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है। इस खास दिन का इतिहास बेहद भावुक और प्रेरणादायक है। मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाते हैं। इस साल 10 मई 2026 को मदर्स डे मनाया जा रहा है। बानो ने कहा कि पहली बार एना जार्विस को मदर्स डे की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने अपनी मां के निधन के बाद उनके सम्मान में एक खास दिन मनाने की पहल की। एना चाहती थीं। कि सभी लोग अपनी मां के प्यार और त्याग को सम्मान दें। इसी सोच ने बाद में मदर्स डे का रूप ले लिया। उन्होंने बताया कि एना जार्विस की मां का निधन मई महीने में हुआ था। उनकी याद में पहली बार मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया गया। बाद में यह तारीख इतनी लोकप्रिय हो गई। कि इसे स्थायी रूप से अपनाया गया। इसी कारण हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। मदर्स डे को लेकर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने साल 1914 में मदर्स डे को आधिकारिक मान्यता दी। इसके बाद इसे राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया। धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई और आज भारत सहित अनेक देशों में यह दिन बड़े उत्साह से मनाया जाता है। घर और परिवार को एक सूत्र में बांधकर चलाने वाली तथा बच्चों पर प्यार दुलार लुटाने वाली रेशमा ने बताया कि मदर्स डे सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि मां के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। इस दिन बच्चे अपनी मां को गिफ्ट देते हैं। कार्ड बनाते हैं। और उनके साथ समय बिताते हैं। कई लोग अपनी मां के लिए खास खाना बनाते हैं। या उन्हें घूमाने भी ले जाते हैं। यह दिन मां के त्याग और निस्वार्थ प्रेम को याद करने का मौका देता है।

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