लिंगोवासी दादा हीरासिंह मरकाम जी को जयंती पर गाढ़ा–गाढ़ा नमन, सेवा जोहारआज हम हीरा सिंह मरकाम जी की जयंती पर उस महान जननायक को स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने 13 जनवरी 1991 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्थापना कर गोंडवाना स्वाभिमान को राजनीतिक दिशा दी। वे गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के महानायक और जनक थे—जिनका जीवन जल–जंगल–जमीन, आदिवासी अधिकार, आत्मसम्मान और स्वशासन के लिए समर्पित रहा।दादा हीरासिंह मरकाम जी ने सिखाया कि राजनीति सत्ता नहीं, संघर्ष की ईमानदार साधना है। उन्होंने डर के साए में दबाई गई आवाज़ों को मंच दिया, युवाओं को नेतृत्व का भरोसा दिया और गोंडवाना की अस्मिता को संगठित शक्ति में बदला।उनका सपना था—ऐसा गोंडवाना जहाँ संसाधनों पर पहला हक़ मूलनिवासियों का हो, निर्णय ग्रामसभा से निकलें, और आने वाली पीढ़ियाँ सम्मान के साथ आगे बढ़ें।आज उनकी जयंती पर हम संकल्प लेते हैं— अन्याय के खिलाफ़ अडिग रहेंगे प्रकृति और समुदाय की रक्षा करेंगे गोंडवाना की आवाज़ को हर मंच तक पहुँचाएंगेदादा के विचार अमर हैं, संघर्ष जारी है।जय गोंडवाना | सेवा जोहार!अमरजीत_गोंड_जिलाध्यक्ष