सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। गाजीपुर सैयदराजा जमानियां सिंगल लेन संकरी सड़क होने के कारण बड़े वाहनों के आवाजाही के चलते आएदिन भीषण जाम में फंसकर राहगीरों सहित दूर दराज को जाने वाले यात्रियों के लिए मुश्किल हो गया है। सकरी सड़क उसपर से पटरियों पर अतिक्रमण होना काफी परेशानी का सबब बन चुका है। इसके साथ ही बेतरतीब वाहन के आने जाने या सड़क पर खड़ा करने से भीषण जाम की समस्या आम हो गई है। स्कूल बसों सहित वाहनों को घंटों फंसा देती है। बताया जाता है। कि भीषण जाम के मुख्य कारण सकरी सड़क और सिंगल सड़क मार्ग पर दोनों ओर से भारी वाहनों के आवाजाही के चलते लोगों को काफी दिक्कत होती है। व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, वीरेंद्र कुमार, अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी, अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के तहसील अध्यक्ष इजहार खान, बेलाल मंसूरी, नेहाल खान, माहिर कमाल अंसारी, खालिद अंसारी, असलम पान वाले, सैयर खान वारसी, शशिकांत बर्नवाल, उमेश सिंह कुशवाहा, हेमंत यादव, सद्दाम राईन आदि सहित लोगों ने बताया कि कई माह से सकरी सिंगल इस सड़क मार्ग बड़े वाहनों के आवाजाही के चलते दूर दराज जाने वाले लोगों के साथ राहगीरों के लिए यातायात मुश्किल हो चुका है। क्योंकि लंबी दूरी तक भीषण जाम के कारण लोगों के सामने परेशानी का सबब बन चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग जिले की सभी सड़क की चौड़ी कारण किया गया। लेकिन गाजीपुर सैयदराजा जमानियां सड़क मार्ग को चौड़ी कारण के लिए सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोई पहल नहीं किया गया। जिसके चलते आएदिन जमानियां दिलदारनगर मोड तक भीषण जाम देखी जा सकती है। लोगों ने बताया कि जमानियां सैयदराजा गाजीपुर ताड़ीघाट तक सड़क चौड़ी करने के लिए बराबर आवाज उठाई गई। लेकिन जनप्रतिनिधियों के कानों में चू तक नहीं रेंगा। जिसके चलते जमानियां तहसील का विकास अधर में पड़ा हुआ है। बड़े वाहनों के आवाजाही के कारण आएदिन भीषण और लंबा जाम लगता है। लगातार बढ़ती गाड़ियों के चलते सड़क पर राहगीरों का चलना दुर्घटना को दावत देने के बराबर हो रही है। भीषण जाम के कारण लोगों का समय दैनिक जीवन बर्बाद हो रहा है। इसके साथ ही मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। और स्कूल बच्चों को परेशानी होती है। लोगों ने मांग किया है। कि सैयदराजा जमानियां ताड़ीघाट तक सकरी सिंगल सड़क को फोरलेन निर्माण कराने के लिए जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए। आगामी चुनाव में इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया जाएगा।