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हेमोरेजिक शॉक के कारण हुई 20 वर्षीय छात्रा की मौत, एडीसीपी लिपि नागायच ने दी जानकारी

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दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट*                      वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला.*पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा, अबॉर्शन पिल नहीं बल्कि हैवानियत भरा शारीरिक संबंध बनी मौत की वजह*अत्यधिक ब्लीडिंग और हेमोरेजिक शॉक से छात्रा की मौत हुई थी. पुलिस ने आरोपी मोहम्मद समीर को रेप के मामले में गिरफ्तार कर लिया है हेमोरेजिक शॉक के कारण हुई 20 वर्षीय छात्रा की मौत, एडीसीपी लिपि नागायच ने दी जानकार.वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र में हुई 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब तक जहां यह माना जा रहा था कि अबॉर्शन पिल खाने की वजह से अत्यधिक ब्लीडिंग होने के कारण युवती की असमय मौत हुई थी, वहीं अब आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी कहानी को पलट कर रख दिया है 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की मौत का असली कारण हेमोरेजिक शॉक दर्ज किया गया है. रिपोर्ट में बताया गया गया है कि वेजाइनल पेनिट्रेशन के दौरान गंभीर इंटरनल इंजरी होने की वजह से शरीर से अत्यधिक मात्रा में खून बह गया था।

बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिली थी नर्सिंग छात्रा की लाश: सरल शब्दों में कहें तो पार्टनर द्वारा बनाए गए अत्यधिक आक्रामक व जघन्य शारीरिक संबंध के कारण ही इस छात्रा की मौत हुई है। इस मामले में सारनाथ थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. 10 जून 2026 को वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में स्थित एक बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर 19 वर्षीय नर्सिंग की छात्रा की लाश संदिग्ध अवस्था में बरामद हुई थी.

*आरोपी मोहम्मद समीर पर दर्ज हुआ रेप का केस:* वारदात के वक्त छात्रा के इंटरनल पार्ट से ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे प्रथम दृष्टया डॉक्टरों और पुलिस ने अबॉर्शन पिल का दुष्परिणाम माना था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की असली वजह हेमरेज शॉक होने के बाद पुलिस और चिकित्सा विशेषज्ञ दोनों ही इसे समाज का एक बेहद दुर्लभ मामला बता रहे हैं. इस हाई-प्रोफाइल केस के बारे में वाराणसी की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस लिपि नागायच ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि पेनिट्रेशन की वजह से वेजाइनल वॉल बुरी तरह डैमेज हुई थी. इसी आंतरिक दीवार के फटने से इतना खून बहा कि छात्रा का शरीर उस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका और उसकी जान चली गई।

सबूत मिटाने के लिए मोहम्मद समीर ने छिपाया था छात्रा का फोन, वाराणसी पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

फोन छिपाने के आरोप में भी फंसा शातिर आरोपी: एडीसीपी लिपि नागायच ने आगे बताया कि मृतका के पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को पहले जो लिखित तहरीर मिली थी, उसमें मोहम्मद समीर नामक युवक को नामजद किया गया था. शुरुआत में परिवार की मांग पर पुलिस ने मर्डर की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था, लेकिन अब वैज्ञानिक विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अवलोकन के बाद मर्डर की धारा को केस से हटा दिया गया है. इसके स्थान पर मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मोहम्मद समीर के खिलाफ रेप व अन्य संबंधित धाराओं को जोड़ा गया है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद समीर ने छात्रा का मोबाइल फोन सिर्फ इस दुर्भावनापूर्ण नीयत से छिपाया था ताकि वह पुलिस के हाथ न लग सके और सबूत नष्ट हो जाएं.

एग्रेसिव पेनिट्रेशन से वेजाइनल वॉल रैप्चर होना है बेहद रेयर: सामान्य भाषा में समझें तो आरोपी की हैवानियत और एग्रेसिव शारीरिक संबंध ही इस होनहार छात्रा की मौत की मुख्य वजह बन गए. वहीं, इस पूरे विषय पर वाराणसी की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिप्रा धर ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में ऐसे मामले यदा-कदा सामने आते हैं और इन्हें सबसे दुर्लभ मामलों की श्रेणी में ही गिना जाता है. यदि आपसी शारीरिक संबंध या इंटिमेसी के दौरान पार्टनर के अत्यधिक एग्रेसिव पेनिट्रेशन किया जाता है, तो महिला की नाजुक वेजाइनल वॉल पूरी तरह से फट हो जाती है. ऐसी स्थिति में शरीर के भीतर इतनी हैवी ब्लीडिंग होती है कि यदि समय पर इलाज न मिले तो वह सीधे मौत की वजह बन जाती है।

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