पंकज सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे अवैध हॉस्पिटलों के विषय में जब जानकारी लेना चाहे पत्रकार तो सीएमओ साहब का जवाब मिला मेरी नॉलेज में ऐसी कोई हॉस्पिटल नहीं है अगर ऐसा कोई हॉस्पिटल होता है तो उनके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी बाकी जो भी हॉस्पिटल है वह सब पोर्टल uphealth पर रजिस्टर है जब पत्रकारों द्वारा बताया गया कि किस तरह से मरीज के साथ इन हॉस्पिटलों में धन उगाई की जा रही है यहां तक की मरीज के मृत्यु हो जाने के बाद भी बिना पैसा लिए मरीज के परिजनों को डेड बॉडी नहीं दी जाती है और तो और उन्हें धमकी भी दी जाती है कि अगर पूरा पैसा नहीं जमा करोगे तो हम तुम्हें डेड बॉडी किसी हाल में नहीं दे पाएंगे ना इन पर प्रशासन का डर ना सीएमओ दफ्तर का डर ना ही अपने आला अधिकारियों का डर सीएमओ द्वारा बताया गया कि अगर मेरी नॉलेज में ऐसी कोई हॉस्पिटल आते हैं तो मैं उनके प्रति सख्त कार्रवाई करूंगा अब सवाल यह उठता है कि सीएमओ साहब को ऐसे हॉस्पिटलों का नॉलेज कब आएगा और कब करेंगे कार्रवाई ऐसे फर्जी हॉस्पिटलों पर । जबकि पोर्टल पर चेक हुआ तो पता चला की शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ऐसे हॉस्पिटल हैं जो नर्स और वार्ड बॉय के द्वारा चलाए जाते हैं जहां दूर-दूर तक डॉक्टरों का कोई नामोनिशान नहीं है । नाम तो है डॉक्टर का पर इलाज नर्स एवं वार्ड बॉय करते हैं क्या यह मरीज के साथ खिलवाड़ नहीं है तो और क्या है आखिर कब समझ में आएगा सीएमओ साहब को या कब पहुंचेगी उन तक ऐसी खबर जब वह करेंगे कार्यवाही । पूछने पर बताते हैं कि ऐसे हॉस्पिटलों का रजिस्ट्रेशन लखनऊ हेड ऑफिस से होता है अगर लखनऊ हेड ऑफिस से रजिस्ट्रेशन होता है तो जिले में बैठे हुए सीएमओ साहब को इन हॉस्पिटलों का क्यों नहीं पता चल पाता जिनके द्वारा मरीज के साथ दुर्व्यवहार एवं परिजनों के साथ दुर्व्यवहार लगातार होते आ रहा है वाराणसी के लगातार सुंदरपुर भिखारीपुर ककरमत्ता चितईपुर अविलेशपुर बाईपास आदि क्षेत्रों में मच्छरों की तरह फल फूल रहे हैं हॉस्पिटल अगर देखा जाए तो हर हॉस्पिटल में दबंग माफिया के बल पर मरीज से वसूली की जाती है मरने के बाद भी कर लेने के बाद ही डेट बॉडी मिलती है
काशी दीप विजन एक खास मुलाकात से पंकज सिंह की रिपोर्ट